भारत और मालदीव के बीच रक्षा सहयोग पिछले दो दशकों में और अधिक गहरा हुआ है, जिसका प्रमुख स्तंभ दोनों देशों की सेनाओं के बीच आयोजित होने वाला वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास EKUVERIN है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2025 में इसका 14वां संस्करण केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में शुरू हो गया है। यह अभ्यास 2 से 15 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगा, जिसमें भारत की ओर से गढ़वाल राइफल्स की एक बटालियन के 45 सैनिक तथा मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (MNDF) की समान क्षमता वाली टुकड़ी भाग ले रही है।

यह अभ्यास केवल सैन्य तैयारी तक सीमित ही नहीं है, बल्कि यह द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता, आतंकवाद रोधी कवायद, मानवीय सहायता तथा सामरिक विश्वास का प्रतीक है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच यह साझेदारी हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के साझा लक्ष्य को मजबूत करती है।
हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) आज वैश्विक भू राजनीति का केंद्र बन चुका है। चाहे समुद्री मार्गों की सुरक्षा हो, आतंकवाद का खतरा, समुद्री तस्करी, जलवायु जनित आपदाएँ या क्षेत्रीय शक्तियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा, इन सभी परिस्थितियों में भारत और मालदीव जैसे पड़ोसी देशों की संयुक्त भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसी संदर्भ में Exercise EKUVERIN, जिसका अर्थ ही मित्र है, दोनों राष्ट्रों के बीच सैन्य सहयोग का जीवंत उदाहरण है। यह अभ्यास संयुक्त सैन्य कौशल को बढ़ाता है, साथ ही दोनों सेनाओं के बीच विश्वास, समझ और समन्वय को भी गहराता है। 2025 का यह संस्करण और अधिक महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि भारत और मालदीव संबंधों के बदलते परिदृश्य में यह अभ्यास द्विपक्षीय रक्षा कूटनीति को नई दिशा देता है।
अभ्यास एकुवेरिन के प्रमुख उद्देश्य और रणनीतिक महत्व
Counter Terrorism और Counter Insurgency में संयुक्त प्रशिक्षण
अभ्यास का प्रमुख उद्देश्य है-
- आतंकवाद विरोधी अभियान
- जंगल और शहरी क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई
- hostage rescue operations
- area domination
- close quarter battle (CQB)
- IED neutralization
गढ़वाल राइफल्स की विशेषज्ञता और MNDF की तटीय सुरक्षा क्षमताएँ मिलकर इस प्रशिक्षण को अत्यंत व्यावहारिक बनाती है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास दोनों सेनाओं को वास्तविक परिस्थितियों जैसी train as you fight क्षमता प्रदान करता है।
Humanitarian Assistance and Disaster Relief (HADR) की संयुक्त तैयारी
हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) प्राकृतिक आपदाओं जैसे चक्रवात, बाढ़, सुनामी के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। भारत और मालदीव दोनों ही कई बार आपदा जनित चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। इसलिए EKUVERIN में त्वरित राहत अभियान (rapid response), search & rescue operations, medical evacuation, community support drills और संयुक्त समन्वय अभ्यास को शामिल किया गया है।
यह प्रशिक्षण सैन्य स्तर और नागरिक सैन्य सहयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे आपदा के समय दोनों देशों की क्षमता दोगुनी होती है।
हथियारों और उपकरणों के संयुक्त उपयोग का अभ्यास
अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक infantry weapons, surveillance devices, communication systems और field engineering tools का संयुक्त रूप से उपयोग करते हैं। यह interoperability को बढ़ाता है और दोनों सेनाओं को एक दूसरे की प्रणालियों और कार्यशैली के बारे में गहरी समझ देता है।
सांस्कृतिक एवं सामुदायिक जुड़ाव: Defence Diplomacy का नया आयाम
अभ्यास का एक महत्वपूर्ण पहलू है पारस्परिक सांस्कृतिक आदान प्रदान भी है। दोनों देशों के सैनिक एक दूसरे की परंपराओं, भोजन, सैन्य इतिहास तथा सामाजिक मूल्यों के बारे में सीखते हैं। इससे केवल सैन्य सहयोग ही नहीं होता, बल्कि मनुष्यों के बीच संबंध और गहरे होते हैं, जो किसी भी दीर्घकालिक साझेदारी की नींव होते हैं। EKUVERIN को defence diplomacy का एक soft power connector माना जाता है।

तिरुवनंतपुरम का चयन: सामरिक और तार्किक दृष्टि से उपयुक्त
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम का चयन इस अभ्यास के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि-
- यह समुद्री सुरक्षा का एक प्रमुख केंद्र है।
- Southern Naval Command के निकट स्थित है।
- विविध भू भाग शहरी, ग्रामीण, वन क्षेत्रों में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है।
- प्रशिक्षित सेना इकाइयों और लॉजिस्टिक सपोर्ट की पर्याप्त उपलब्धता है।
- यह स्थान वास्तविक परिस्थितियों जैसे प्रशिक्षण के लिए आदर्श माना जाता है।
भारत और मालदीव रक्षा संबंध: भरोसे और साझेदारी की कहानी
भारत और मालदीव के रक्षा संबंध कई क्षेत्रों में विस्तृत है-
- Indian Navy द्वारा MNDF को maritime surveillance support
- Maldivian सैनिकों का भारत में प्रशिक्षण
- coastal radar chain का सहयोग
- medical evacuation एवं आपदा प्रबंधन
- defence hardware cooperation
Exercise EKUVERIN इन संबंधों को operational स्तर पर मजबूत करता है। मालदीव को भारत विजन SAGAR (Security and Growth for All in the Region) का एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है। इस तरह के अभ्यास इस क्षेत्र में सुरक्षा का पारिस्थितिक तंत्र और अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाते हैं।
निष्कर्ष
तिरुवनंतपुरम में शुरू हुआ 14वाँ Exercise EKUVERIN एक सैन्य अभ्यास ही नहीं है, यह भारत और मालदीव के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक जुड़ाव, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय शांति के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव है।
इस अभ्यास ने यह साबित किया है कि-
- रक्षा सहयोग केवल युद्ध तकनीकों का आदान प्रदान नहीं, बल्कि विश्वास और समझ का निर्माण भी है।
- Counter terrorism और disaster response जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अभ्यास क्षेत्रीय सुरक्षा की कुंजी है।
- India और Maldives मित्रता हिंद महासागर क्षेत्र के लिए स्थिरता और सुरक्षा का आधार है।
आने वाले समय में EKUVERIN दोनों देशों के बीच रक्षा कूटनीति को और नए आयाम देगा और Indo Pacific में सहयोग की मजबूत नींव रखेगा।
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1 thought on “भारत–मालदीव रक्षा सहयोग का सशक्त प्रदर्शन: तिरुवनंतपुरम में शुरू हुआ ‘EKUVERIN’ संयुक्त सैन्य अभ्यास का 14वां संस्करण”