भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत National Institute of Biotic Stress Management (ICAR-NIBSM), रायपुर में आयोजित फसलों में जैविक तनाव प्रबंधन हेतु नवीन रणनीतियाँ (BSM 2025) विषयक का राष्ट्रीय सम्मेलन 11 और 12 दिसंबर 2025 को आधुनिक तकनीकों और समन्वित अनुसंधान प्रयासों के व्यापक उपयोग के आह्वान के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश भर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, कृषि विशेषज्ञ और नीति निर्माताओं ने Biotic Stress Management के नवीनतम समाधान, रणनीतियाँ और शोध आधारित पथ प्रदर्शक नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादन में बाधाएँ उत्पन्न करने वाले जैविक खतरों से निपटने के लिए भारत की तैयारी को और अधिक मजबूत बनाना था।

Biotic Stress Management Conferences का महत्व
Biotic Stress जैसे कीट, रोग और invasive species कृषि उत्पादन के लिए बड़ी चुनौतियाँ पैदा करते हैं। इन कारकों से निपटने के लिए पारंपरिक उपाय पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए, BSM 2025 जैसे राष्ट्रीय सम्मेलन शोध आधारित समाधानों को सामने लाने, नई रणनीतियों को विकसित करने और multisectoral तालमेल को मजबूत करने का एक मंच प्रदान करते हैं। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय स्तर पर Biotic Stress को मैनेज करने के लिए नवीन techniques, molecular tools, host resistance, और integrated pest management जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
BSM 2025 ने कृषि समुदाय को चेतावनी दी कि Biotic Stress सिर्फ कीट या रोगों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक नुकसान, उत्पादकता हानि और किसानों की livelihood पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला एक व्यापक विषय है। सम्मेलन के दौरान प्रमुख शोधकर्ता और कृषि विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक अनुसंधान, field trials, और data driven प्रबंधन उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे भारत की कृषि व्यवस्था को अधिक resilient बनाया जा सके।
National Conference के मुख्य विषय और रणनीतियाँ
BSM 2025 के दो दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न technical sessions आयोजित किए गए, जिनमें कृषि विज्ञान, पॉलिसी इंटिग्रेशन, और Biotic Stress के multidisciplinary management approaches पर व्यापक विचार साझा किए गए। वैज्ञानिकों ने कृषिगत challenges के समाधान के लिए नए bio pesticides, genetic resistance traits, remote sensing tools, और predictive modelling जैसे instruments की उपयोगिता पर भी मनन किया।

Conference में emphasis यह था कि Biotic Stress Management अब सिर्फ रसायनों या single crop focus तक सीमित नहीं रहेगा। यह एक integrated approach है जिसमें farmers, researchers, policy makers, और private sector partners को शामिल किया जाएगा और विज्ञान आधारित systems तैयार किये जाएंगे। इससे climate change की अप्रत्याशित चुनौतियों को भी प्रभावी रूप से address किया जा सकेगा।
सम्मेलन में शामिल विशेषज्ञों ने यह भी मान्यता दी कि बेहतर surveillance mechanisms, pest forecasting networks, और खुले data platforms विकसित करना आवश्यक है ताकि realtime field conditions के आधार पर तुरंत response strategies लागू की जा सके। इसके साथ ही crop diversification, biological control agents, और sustainable agriculture practices को अपनाना Biotic Stress के खिलाफ दीर्घकालिक समाधान देगा।
नई research और national preparedness के लिए स्पष्ट प्राथमिकताएँ
BSM 2025 में शोधकर्ताओं तकनीकी समाधानों के साथ Biotic Stress से निपटने के लिए national level preparedness, policy framework और capacity building जैसे क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि केवल वैज्ञानिक शोध पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके साथ इसे किसानों तक पहुँचाने के लिए agricultural extension systems को भी अद्यतन करना जरूरी है।
सम्मेलन में यह बात भी उभरकर सामने आई कि Biotic Stress Management के लिए cross institutional collaborations जैसे केंद्रीय तथा राज्य कृषि विश्वविद्यालय, ICAR research labs, और private R&D units के बीच तालमेल अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इससे research quality में वृद्धि होगी, और field applicability भी तेजी से विकसित होगी।
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि कृषि मंत्रालय और राज्य Governments को बायोटिक निगरानी नेटवर्क, pest risk maps और early warning systems जैसे national initiatives को प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि Biotic Stress से होने वाली crop losses को minimum किया जा सके।
किसानों के हित और समाधान के व्यावहारिक दिशा निर्देश
BSM 2025 का एक अन्य महत्वपूर्ण आयाम यह था कि सम्मेलन ने जमीन स्तर पर लागू होने योग्य समाधान तैयार करने पर विशेष जोर दिया। वैज्ञानिकों ने field tested management practices, resistant crop varieties, और biological control products को अपनाने के लिए roadmaps तैयार किये, जिससे farmers को लागत effectiveness और environment friendly विकल्प मिल सके।
Conference में यह भी रेखांकित किया गया कि Knowledge transfer और training programs का effect सीधे तौर पर farm productivity और crop health में दिखाई देगा। इसके लिए Farmer Field Schools, extension workshops और digital advisory tools जैसे initiatives पर भी जोर दिया गया। इससे rural agricultural workforce को नए tools और practices से जोड़ने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
BSM 2025 के अंतर्गत फसलों में जैविक तनाव प्रबंधन हेतु नवीन रणनीतियाँ बनाने हेतु राष्ट्रीय सम्मेलन ने भारतीय कृषि को Biotic Stress जैसे जटिल मुद्दों से निपटने के लिए एक शक्तिशाली scientific roadmap प्रदान किया है। सम्मेलन नई technologies और research priorities को उजागर करता है, साथ ही यह भी प्रदर्शित करता है कि कृषि उत्पादन में स्थिरता और resilience लाने के लिए multidisciplinary प्रयास, integrated strategies, और बेहतर policy frameworks कितना महत्वपूर्ण है। इन प्रयासों से निश्चय ही भारत के किसानों को Biotic Stress के खतरों का सामना करने में सक्षम समाधान मिलेंगे तथा राष्ट्रीय food security को और अधिक मजबूत आधार मिलेगा।
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1 thought on “ICAR के अंतर्गत NIBSM में BSM 2025 राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन के साथ नई रणनीतियाँ और वैज्ञानिक roadmap तय”