Delhi में वायु प्रदूषण को लेकर लागू की गई सख्त पाबंदियों में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Delhi में कई दिनों से प्रभावी GRAP-4 (Graded Response Action Plan) की पाबंदियों को हटा लिया गया है, जिसके बाद अब BS-6 के अलावा BS-4 और उससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाली गाड़ियों को भी Delhi में प्रवेश की अनुमति मिल गई है। इस फैसले से उन लाखों लोगों को राहत मिली है जो रोजाना काम, व्यापार या अन्य जरूरतों के लिए Delhi आते-जाते हैं और जिनके वाहन BS-6 मानक के नहीं थे। GRAP-4 के दौरान Delhi में सख्त नियमों की वजह से ट्रैफिक, सप्लाई चेन और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।
पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh Sirsa ने GRAP-4 हटाए जाने के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि अब Delhi के बाहर रजिस्टर्ड BS-6 से नीचे की गाड़ियां भी Delhi में ऑफिशियली एंट्री कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला Delhi में वायु गुणवत्ता में आए सुधार को देखते हुए लिया गया है। हालांकि मंत्री ने लोगों से अपील की है कि इस राहत का गलत फायदा न उठाएं और जहां तक संभव हो, प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें, ताकि राजधानी की हवा फिर से खराब न हो।
क्यों हटाया गया GRAP-4?
Delhi में GRAP-4 को हटाने का फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब बीते कुछ दिनों से Air Quality Index (AQI) में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है। मौसम में बदलाव, हवा की गति बढ़ने और प्रशासन द्वारा उठाए गए कई नियंत्रण उपायों के चलते प्रदूषण का स्तर पहले की तुलना में नीचे आया है। इसी आधार पर पर्यावरण विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित एजेंसियों की समीक्षा बैठक के बाद यह तय किया गया कि फिलहाल GRAP-4 की सबसे सख्त पाबंदियों को हटाया जा सकता है। GRAP-4 के तहत ट्रकों की एंट्री पर रोक, निर्माण कार्य बंद करने और केवल जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को चलने की अनुमति जैसे कड़े कदम लागू थे।
अब GRAP-4 हटने के बाद Delhi में ट्रैफिक नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहले जहां केवल BS-6 वाहनों को ही Delhi में प्रवेश की अनुमति थी, अब BS-4 और उससे नीचे के वाहनों को भी राहत मिल गई है। इससे न सिर्फ निजी वाहन चालकों को बल्कि ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और छोटे व्यापारियों को भी बड़ा फायदा होगा, क्योंकि सप्लाई से जुड़े वाहन फिर से सामान्य रूप से Delhi में आ-जा सकेंगे। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी होगी।
‘No PUCC, No Fuel’ नियम रहेगा सख्ती से लागू
GRAP-4 हटा दिया गया है, लेकिन सरकार ने यह भी स्पष्ट कर
सरकार ने राहत के साथ-साथ सख्ती का संदेश भी साफ तौर पर दे दिया है। ‘No PUCC, No Fuel’ नियम को पूरी सख्ती से लागू रखा जाएगा। इसका मतलब यह है कि जिन वाहनों के पास वैध PUCC (Pollution Under Control Certificate) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह नियम रोजमर्रा के स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण में अहम भूमिका निभाएगा। GRAP-4 हटने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि प्रदूषण को लेकर लापरवाही बरती जाएगी, बल्कि अब निगरानी को और ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा।
पर्यावरण मंत्री की अपील
पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh Sirsa ने जनता से जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार अकेले प्रदूषण से नहीं लड़ सकती। उन्होंने लोगों से कहा कि जहां संभव हो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें, कार पूलिंग अपनाएं और अपने वाहनों की नियमित जांच कराएं। खासकर पुराने और ज्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों का इस्तेमाल कम करने की जरूरत है। मंत्री ने चेतावनी भी दी कि अगर लापरवाही बरती गई और प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ा, तो सरकार को मजबूरन दोबारा सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।0
आम लोगों और व्यापारियों को बड़ी राहत
GRAP-4 की पाबंदियों के दौरान Delhi के व्यापार और उद्योग जगत को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा था। निर्माण कार्य बंद होने से मजदूरों को रोजगार की दिक्कत हुई और ट्रकों की एंट्री पर रोक से बाजारों में माल की आपूर्ति प्रभावित हुई। अब पाबंदियां हटने से व्यापारिक गतिविधियों में फिर से तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि इस फैसले से उनकी रोजी-रोटी पर पड़ा संकट काफी हद तक कम होगा।
प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि यह राहत पूरी तरह स्थिति पर निर्भर है। अगर आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता फिर से खराब होती है और AQI गंभीर या बहुत खराब श्रेणी में पहुंचता है, तो GRAP के सख्त चरणों को दोबारा लागू किया जा सकता है। इसलिए सरकार लगातार हालात की निगरानी कर रही है और किसी भी बदलाव पर तुरंत कदम उठाने के लिए तैयार है।
निष्कर्ष
Delhi में GRAP-4 हटने और BS-6 के अलावा अन्य गाड़ियों को एंट्री की अनुमति मिलने से आम जनता और कारोबारियों को बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन यह राहत तभी टिकेगी जब लोग नियमों का पालन करेंगे। ‘No PUCC, No Fuel’ जैसे नियमों के जरिए सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि प्रदूषण पर कोई समझौता नहीं होगा। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि जनता और प्रशासन मिलकर इस संतुलन को कैसे बनाए रखते हैं, ताकि Delhi की हवा दोबारा खतरनाक स्तर तक न पहुंचे।
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