New Delhi के अत्याधुनिक Bharat Mandapam में आयोजित World Book Fair 2026 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन इसके बावजूद लोगों का उत्साह चरम पर बना हुआ है। मेले के आठवें दिन भी सुबह से ही पाठकों, छात्रों, लेखकों और साहित्य प्रेमियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ विदेशी पाठक भी इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का हिस्सा बने। इसी बीच Union Home and Cooperation Minister Amit Shah के आगमन ने विश्व पुस्तक मेले को नई ऊर्जा और पहचान दे दी। उनके दौरे से आयोजन की गरिमा और बढ़ गई और पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

Amit Shah ने World Book Fair का किया भ्रमण
World Book Fair में पहुंचने के बाद Amit Shah ने Bharat Mandapam के कई प्रमुख हॉलों का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रकाशन संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉल देखे और वहां उपलब्ध पुस्तकों की जानकारी ली। इतिहास, भारतीय संस्कृति, राष्ट्र निर्माण, राजनीति, सामाजिक परिवर्तन और समकालीन विषयों पर आधारित पुस्तकों में उनकी विशेष रुचि देखने को मिली। उन्होंने कई प्रकाशकों से बातचीत भी की और पुस्तक मेले के भव्य आयोजन की सराहना की। अधिकारियों द्वारा उन्हें मेले की व्यवस्थाओं, पाठकों की संख्या और इस वर्ष की खास थीम की जानकारी दी गई।
Amit Shah की मौजूदगी से दिखा जबरदस्त उत्साह
World Book Fair में जैसे ही Amit Shah के पहुंचने की सूचना फैली, वहां मौजूद लोगों में अलग ही उत्साह देखने को मिला। छात्र, युवा पाठक और साहित्य प्रेमी उन्हें नजदीक से देखने के लिए उत्सुक नजर आए। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें लेने की कोशिश की, वहीं कुछ युवाओं ने इस पल को यादगार बनाने के लिए वीडियो भी रिकॉर्ड किए। सोशल मीडिया पर Amit Shah के World Book Fair दौरे की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे मेले की लोकप्रियता और अधिक बढ़ गई है। युवाओं का मानना है कि इस तरह की मौजूदगी उन्हें पढ़ने और सीखने के लिए और प्रेरित करती है।
World Book Fair बना ज्ञान, विचार और संस्कृति का महाकुंभ
New Delhi का World Book Fair हर साल साहित्य और ज्ञान के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जाता है। यहां हजारों की संख्या में किताबें उपलब्ध हैं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी और विभिन्न भारतीय भाषाओं के साथ-साथ विदेशी भाषाओं की पुस्तकें भी शामिल हैं। इस वर्ष World Book Fair में डिजिटल पब्लिशिंग, ई-बुक्स, ऑडियो बुक्स और शैक्षणिक तकनीक से जुड़े स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लेखकों के संवाद सत्र, पुस्तक विमोचन और साहित्यिक चर्चाओं ने इस मेले को केवल एक किताबों का बाजार नहीं, बल्कि विचारों का मंच बना दिया है।

पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने पर Amit Shah का जोर
World Book Fair के दौरान Amit Shah ने पुस्तकों और साहित्य के महत्व को लेकर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि किताबें समाज को दिशा देने का कार्य करती हैं और पढ़ने की संस्कृति किसी भी राष्ट्र की बौद्धिक शक्ति को मजबूत बनाती है। उनके अनुसार, आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि सही मार्गदर्शन के लिए किताबें और भी आवश्यक हो गई हैं। युवाओं को तकनीक के साथ-साथ पुस्तकों से जुड़े रहना चाहिए, ताकि वे भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक दृष्टि को गहराई से समझ सकें।
अंतिम दिनों में और बढ़ेगी भीड़
World Book Fair अब अपने अंतिम दिनों में है और आयोजकों का कहना है कि आने वाले दिनों में दर्शकों की संख्या और बढ़ सकती है। विशेष रूप से सप्ताहांत के दौरान रिकॉर्ड भीड़ के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। Amit Shah के दौरे के बाद मेले की चर्चा और तेज हो गई है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस आयोजन में शामिल होने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं। प्रकाशकों का कहना है कि इस वर्ष पुस्तकों की बिक्री भी काफी संतोषजनक रही है, खासकर हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं की किताबों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की नई पहचान
Bharat Mandapam अब New Delhi में बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। World Book Fair जैसे प्रतिष्ठित आयोजन यहां होने से न केवल पाठकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक छवि भी वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही है। Amit Shah की मौजूदगी यह दर्शाती है कि सरकार भी शिक्षा, साहित्य और बौद्धिक विकास से जुड़े आयोजनों को गंभीरता से समर्थन दे रही है।
निष्कर्ष
New Delhi के World Book Fair में Amit Shah की मौजूदगी ने इस आयोजन को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और मेले की लोकप्रियता देशभर में और बढ़ गई। किताबों, विचारों और संस्कृति के इस महाकुंभ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पढ़ने की परंपरा आज भी जीवंत है। World Book Fair केवल पुस्तकों का मेला नहीं, बल्कि भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बन चुका है।
ऐसी ही जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे, धन्यवाद।
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1 thought on “New Delhi के World Book Fair में Amit Shah की मौजूदगी, दिखा लोगों में जबरदस्त उत्साह”