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Delhi से Banaras जा रही Sleeper Bus में लगी भीषण आग, 40 यात्रियों की जान बाल-बाल बची

Delhi से Banaras जा रही एक Private Sleeper Bus में लगी भीषण आग ने दर्जनों यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। यह हादसा Kanpur के पास Ramadevi Flyover के पास गुरुवार देर रात हुआ, जब बस में सवार अधिकतर यात्री नींद में थे। लंबे सफर के कारण लोग थके हुए थे और उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही मिनटों बाद बस आग का गोला बन जाएगी।

Delhi से Banaras जा रही Sleeper Bus में लगी भीषण आग

लेकिन ड्राइवर की त्वरित समझदारी और यात्रियों की सतर्कता की वजह से लगभग 35–40 लोगों की जान बच गई। यह घटना भले ही बिना जनहानि के समाप्त हुई हो, लेकिन इसने बस सुरक्षा और ऑपरेटरों की लापरवाही जैसे गंभीर सवालों को फिर से उठाकर रख दिया है।

धुआँ उठते ही मच गई अफरा-तफरी

लोगों के अनुसार Sleeper Bus कुछ देर पहले ही रास्ते में एक ढाबे पर रुकी थी। ढाबे से रवाना होते ही बस के पिछले हिस्से से धीरे-धीरे धुआँ उठना शुरू हो गया। शुरुआत में इसे मामूली तकनीकी समस्या समझा गया, लेकिन कुछ मिनटों में धुआँ बढ़कर अंदर तक भरने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने तुरंत Driver को इस बारे में जानकारी दी, वहीं कई लोग घबराकर चिल्लाने लगे जिससे सो रहे लोगों की भी आंख खुल गई।

अचानक बढ़ती अफरा-तफरी को देख Driver ने बेहद समझदारी दिखाते हुए तुरंत बस को साइड में रोका और दरवाजे खोल दिए। कुछ घबराए हुए यात्री तो बस रुकने से पहले ही कूद गए, लेकिन किसी को गंभीर चोट नहीं आई। अगर यह देरी से होता, तो आग अंदर तक फैल सकती थी और नतीजा काफी भयावह हो सकता था।

कुछ ही मिनटों में पूरा Sleeper Bus ढांचा बना आग का गोला

जब सभी यात्री बस से सुरक्षित दूरी पर पहुंच चुके थे, तभी आग अचानक तेजी से भड़क उठी और कुछ ही मिनटों में पूरी बस आग की चपेट में आ गई। आग इतनी तेज थी कि वाहन का पूरा ढांचा तपने लगा और शीशे एक-एक कर फटकर नीचे गिरने लगे। कई यात्रियों के मोबाइल फोन, Cash, कपड़े, दस्तावेज, Laptop और अन्य सामान बस में ही रह गया। कुछ ही सेकंड में उनके सामने सब कुछ जलकर राख बन गया।

जो लोग आगे की यात्रा के लिए अपने जरूरी सामान पर निर्भर थे, वे असहाय स्थिति में दूर खड़े बस को जलते हुए देखते रहे। Fire Brigade की टीम को मौके पर पहुंचने में लगभग 10–15 मिनट लगे, लेकिन तब तक बस आधे से ज्यादा जल चुकी थी। हालांकि टीम ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन वाहन पूरी तरह नष्ट हो चुका था।

Police और Fire Team का कार्य

हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय Police और Fire Team तुरंत पहुंची। टीम ने आग के बीच फंसे किसी भी शख्स को बाहर निकालने की पुष्टि की और सभी यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर खड़ा किया। कई यात्री मानसिक रूप से सदमे में थे, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने संभाला।

कई यात्रियों ने कहा कि अगर यह घटना हाईवे के किसी सुनसान हिस्से में होती, तो मदद देर से पहुंचती और तब मौतों का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता था। Police अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग का कारण Engine Overheating, Short-Circuit या Fuel Line Leakage हो सकता है। असली वजह की पुष्टि तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

यात्रियों ने Bus Operator पर लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप

हादसे के बाद यात्रियों ने Bus Operator और Driver पर बड़े आरोप लगाए। उनका कहना है कि बस पुरानी और खराब हालत में थी और उसकी वायरिंग जगह-जगह खुली थी। AC, Lighting System और इंजन में पहले से खराबी थी, फिर भी यात्रा शुरू की गई। कई यात्रियों ने दावा किया कि बस से शुरुआत से ही जलने जैसी बदबू आ रही थी। यह आरोप साफ संकेत देते हैं कि Private Bus Operators सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। इस घटना ने Transport Department और Licensing System पर भी सवाल उठाए हैं, जहां फिटनेस सर्टिफिकेट पुराने वाहनों को भी पास कर दिया जाता है।

Delhi से Banaras जा रही Sleeper Bus में लगी भीषण आग

आग बुझने के बाद भी यात्रियों की परेशानी खत्म नहीं हुई। कई लोग बिना फोन, पैसे और दस्तावेजों के सड़क किनारे फंसे रहे। देर रात ठंड के बीच महिलाएँ और बच्चे परेशान नजर आए। स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्था करते हुए यात्रियों को पानी, चाय और प्राथमिक सुविधाएँ उपलब्ध कराईं। बाद में उनके लिए एक दूसरी Bus की व्यवस्था की गई, जिसके जरिए उन्हें Banaras की ओर रवाना किया गया। हालांकि कई लोगों के पास कोई पहचान पत्र न होने के कारण यात्रा में कठिनाइयाँ सामने आईं।

निष्कर्ष

यह हादसा भले ही बड़े नुकसान से बच गया, लेकिन इसने Private Bus Operators की लापरवाही और Transport Safety Standards की असलियत सामने ला दी है। पुराने वाहनों की फिटनेस, खराब वायरिंग, ओवरलोडिंग और नियमित निगरानी के अभाव के कारण यात्रियों की जान लगातार खतरे में पड़ रही है।
Delhi–Banaras Sleeper Bus आग की यह घटना एक चेतावनी है कि अब समय आ गया है जब प्रशासन को बस सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने चाहिए। लोगों की जान बचाने के लिए हर Private Bus Operator पर निगरानी, मेंटेनेंस और सुरक्षा चेक अनिवार्य होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी बड़े रूप ले सकते हैं।

ऐसी जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े हैं, धन्यवाद।

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