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Lohri की खुशियां मातम में बदलीं, Amritsar में घर में आग लगने से पिता-बेटी की मौत

Punjab के Amritsar से सामने आई यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि त्योहारों के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। Lohri जैसे उल्लास और उमंग से भरे पर्व की रात एक परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गई। जहां पूरे Punjab में लोग आग के चारों ओर घूमकर खुशियां मना रहे थे, वहीं Amritsar के एक घर में वही आग मौत का कारण बन गई। इस भीषण हादसे में एक बुजुर्ग पिता और उनकी दिव्यांग बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

Lohri में मातम, Amritsar में आग लगने से पिता-बेटी की मौत

रात करीब 1 बजे लगी भीषण आग

जानकारी के अनुसार, यह हादसा देर रात करीब 1 बजे हुआ। परिवार ने Lohri मनाने के बाद घर के पास आग जलाई थी, जो धीरे-धीरे बुझ रही थी। इसी दौरान आग से उड़ी एक चिंगारी पास में रखे ज्वलनशील सामान तक पहुंच गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। रात का समय होने के कारण परिवार के लोगों को हालात की गंभीरता समझने का मौका भी नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में पूरा घर धुएं और आग की लपटों से घिर गया, जिससे पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई।

आग लगने के समय घर में कुल पांच लोग मौजूद थे। जैसे ही परिवार के कुछ सदस्यों को आग का एहसास हुआ, उन्होंने जान बचाने के लिए तुरंत घर से बाहर निकलने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख वे छत पर चढ़ गए और जोर-जोर से शोर मचाकर पड़ोसियों से मदद मांगी। रात के सन्नाटे में उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचना दी। पड़ोसियों की तत्परता के चलते तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन सभी को नहीं बचाया जा सका।

बुजुर्ग पिता और दिव्यांग बेटी की नहीं बच सकी जान

इस हादसे में जिन दो लोगों की मौत हुई, उनमें एक बुजुर्ग पिता और उनकी दिव्यांग बेटी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि दोनों चलने-फिरने में सक्षम नहीं थे, जिसके चलते वे समय रहते घर से बाहर नहीं निकल सके। आग की लपटें इतनी तेज थीं और धुआं इतना घना हो गया था कि घर के अंदर जाना भी बेहद खतरनाक हो गया। जब तक राहत दल अंदर पहुंच पाता, तब तक दोनों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो चुकी थी। इस दृश्य को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं और माहौल गमगीन हो गया।

7 से 8 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचीं मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही Amritsar Fire Brigade की 7 से 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। संकरी गलियों और रात के अंधेरे के कारण राहत कार्य में भी मुश्किलें आईं। कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया जा सका। हालांकि तब तक घर का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था और परिवार को भारी नुकसान झेलना पड़ा।

Lohri में मातम, Amritsar में आग लगने से पिता-बेटी की मौत

हादसे मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण Lohri की चिंगारी ही माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या अन्य कारणों का पता लगाया जा सके। प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

पड़ोसियों की सूझबूझ से बचीं तीन जिंदगियां

इस दर्दनाक हादसे के बीच अगर कोई राहत की बात रही तो वह पड़ोसियों की त्वरित कार्रवाई थी। आग लगते ही आसपास के लोग बिना देर किए मदद के लिए आगे आए। किसी ने सीढ़ी लगाई तो किसी ने पानी की व्यवस्था की, ताकि छत पर फंसे लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा जा सके। उनकी सूझबूझ और साहस के चलते तीन लोगों की जान बच सकी। अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती थी।

Lohri, Makarsakranti और ऐसे कई त्योहारों पर आग जलाने की परंपरा वर्षों पुरानी है, लेकिन हर साल इस तरह के हादसे सामने आते हैं। अक्सर लोग घर के बेहद पास, संकरी जगहों या ज्वलनशील वस्तुओं के आसपास आग जला देते हैं, जिससे हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। Amritsar की यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि त्योहारों के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी घटना का कारण बन सकती है।

इलाके में पसरा मातम

इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। जिस घर में कुछ घंटों पहले तक Lohri की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब सन्नाटा और गम पसरा हुआ है। रिश्तेदारों और पड़ोसियों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि त्योहार की रात इतनी बड़ी घटना में बदल जाएगी।

फायर डिपार्टमेंट और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान आग जलाते समय पूरी सतर्कता बरतें। खुले और सुरक्षित स्थान का चयन करें, ज्वलनशील सामान को आग से दूर रखें और बुजुर्गों, बच्चों व दिव्यांग लोगों का विशेष ध्यान रखें। थोड़ी सी सावधानी कई जिंदगियों को बचा सकती है।

निष्कर्ष

Punjab के Amritsar में Lohri की रात हुआ यह हादसा एक परिवार के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया है। जिस पर्व को खुशहाली, नई शुरुआत और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है, वही पर्व इस घर में दो जिंदगियां छीन ले गया। बुजुर्ग पिता और उनकी दिव्यांग बेटी की दर्दनाक मौत ने यह साफ कर दिया है कि त्योहारों के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी कितनी भयावह साबित हो सकती है। यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है कि परंपराओं को निभाते समय सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अगर समय रहते सावधानी बरती जाए, सही स्थान पर आग जलाई जाए और कमजोर व असहाय लोगों का विशेष ध्यान रखा जाए, तो ऐसी घटनाएं को रोका जा सकता है। Lohri की यह रात हमें यह सीख देकर गई है कि खुशियों के साथ जिम्मेदारी और सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।

ऐसी ही जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे, धन्यवाद।

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