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BHU Violence: छात्रों–सुरक्षाकर्मियों के बीच भिड़ंत और पत्थरबाजी, रातभर हंगामा, कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात

Uttar Pradesh में स्थित Banaras Hindu University (BHU) में सोमवार देर रात जो कुछ हुआ, उसने पूरे कैंपस को दहशत और तनाव के माहौल में डाल दिया। छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मियों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते-देखते इतनी गंभीर हो गई कि दोनों तरफ से मारपीट और पथराव तक की नौबत आ गई।

BHU Violence

देर रात पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हॉस्टलों से लेकर मेन रोड तक हर जगह छात्रों की भीड़ जमा हो गई, और सुरक्षाकर्मी स्थिति संभालने में असफल दिखे। झड़प में दोनों ओर कई लोग घायल हो गए, जिनमें छात्रों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों की भी संख्या शामिल है। यह पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया पर भी वायरल होने लगा, जिसने मामले को और अधिक तूल दे दिया।

BHU में कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

लोगों के अनुसार, घटना की शुरुआत रात के समय हुई जब कुछ छात्र किसी काम से बाहर जा रहे थे और प्रॉक्टोरियल टीम के सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोका। दोनों पक्षों के बीच शुरू में सिर्फ बहस हुई, लेकिन देखते-देखते आरोप-प्रत्यारोप और अपशब्दों का सिलसिला शुरू हो गया। छात्रों का दावा है कि सुरक्षा कर्मियों ने बिना वजह उन्हें रोका और बदसलूकी करते हुए धक्का-मुक्की की, जिससे विवाद बढ़ गया।

वहीं सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि छात्र नियमों का उल्लंघन कर रहे थे और जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने उग्र रवैया अपनाकर मारपीट शुरू कर दी। यह विवाद इतना तेज हुआ कि कुछ ही मिनटों में आसपास के हॉस्टलों से बड़ी संख्या में छात्र जमा हो गए। माहौल और बिगड़ गया जब भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। अचानक शुरू हुई इस पथरबाजी ने पूरी घटना को हिंसक रूप दे दिया और दोनों ओर से बचाव में संघर्ष बढ़ता चला गया।

पथराव की वजह से कई छात्रों को सिर, हाथ और पैरों पर चोटें आई हैं। कुछ सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। देर रात BHU अस्पताल में घायल छात्रों और सुरक्षाकर्मियों का इलाज चलता रहा। बताया जा रहा है कि घायलों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई छात्र चोट लगने के बावजूद हॉस्टल लौट गए और सुबह तक दर्द बढ़ने पर अस्पताल पहुंचे।

मारपीट और पथराव के कारण कई हॉस्टलों पर भय का माहौल छा गया। कई छात्र अपने कमरे बंद करके अंदर बैठ गए, जबकि कुछ ने डर की वजह से रातभर नींद नहीं ली। कैंपस में घूमने वाले छात्रों के अनुसार, देर रात तक कई जगहों पर टूटी हुई ईंटें और बिखरे पत्थर साफ दिखाई दे रहे थे।

कैंपस में तैनात हुआ भारी पुलिस बल

घटना की गंभीरता को देखते हुए BHU प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर में Lanka थाने की पुलिस, पीएसी और अतिरिक्त बल कैंपस में पहुंच गया। सुरक्षाकर्मियों के साथ पुलिस ने मिलकर कई संवेदनशील क्षेत्रों को घेर लिया और छात्रों को समूह में एकत्र होने से रोका।

BHU Violence

मुख्य गेट, बिरला हॉस्टल, लिंमिटेड रोड, सिंह द्वार और कई अन्य जगहों पर पुलिस तैनात की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन माहौल में तनाव अभी भी महसूस किया जा सकता है। पुलिस ने देर रात और सुबह के समय कई छात्रों से पूछताछ भी की और CCTV फुटेज को सुरक्षित कर लिया गया है। प्रशासन और पुलिस दोनों इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं।

छात्रों के आरोप— “सुरक्षा कर्मियों ने पहले हाथ उठाया”

छात्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ गलत व्यवहार किया है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रॉक्टोरियल टीम अक्सर छात्रों के साथ कठोर रवैया अपनाती है और जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप करती है। देर रात हुई घटना उसी बढ़ते तनाव का नतीजा है। छात्रों का कहना है कि उन्हें बिना किसी सही कारण के रोका गया और सुरक्षाकर्मियों ने गुस्से में आकर मारपीट की।

यही वजह थी कि छात्र बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और विरोध जताया। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो और पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी, जिससे विश्वविद्यालय की छवि पर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्रों का कहना है कि वे जल्द ही एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे और यूनिवर्सिटी प्रशासन से न्याय की मांग करेंगे। सुरक्षा टीम इस घटना की जिम्मेदारी छात्रों पर डालते हुए कहती है कि उनके जवान सिर्फ कैंपस की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे थे।

उनका कहना है कि छात्रों ने सुरक्षा जांच का विरोध किया और उग्र होकर पहले हमला किया। जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, तो सुरक्षाकर्मियों ने अपनी रक्षा में कार्रवाई की। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने दावा किया कि कुछ बाहरी तत्व भी छात्रों के बीच घुल-मिलकर माहौल को खराब कर रहे हैं। इस आरोप की जांच पुलिस कर रही है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

कक्षाओं पर पड़ा असर, कैंपस में तनाव बरकरार

घटना ने BHU की शैक्षणिक गतिविधियों पर भी असर डाला है। सुबह से कई कक्षाओं में उपस्थिति सामान्य से कम रही। हॉस्टलों में मौजूद छात्रों के बीच चिंता और असुरक्षा का माहौल है। कुछ छात्र अभिभावकों को फोन कर हालात बता रहे हैं, जिससे बाहर से भी दबाव बढ़ रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द कार्रवाई करे।

BHU प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि दोषी चाहे छात्र हो या सुरक्षाकर्मी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। CCTV फुटेज, छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बयान, सोशल मीडिया वीडियो इन सभी की जांच की जाएगी। प्रशासन ने सभी छात्रों और कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है और अफवाहें न फैलाने की चेतावनी भी दी है।

निष्कर्ष

Uttar Pradesh के Varanasi में स्थित BHU विश्वविद्यालय में हुई देर रात की यह घटना सिर्फ एक लड़ाई नहीं, बल्कि छात्रों और सुरक्षा तंत्र के बीच पैदा हुई गहरी खाई का प्रत्यक्ष परिणाम है। जब विश्वविद्यालय का माहौल बार-बार ऐसे विवादों से गर्म हो, तो यह शिक्षा, प्रशासन और सुरक्षा प्रणाली तीनों पर सवाल खड़ा करता है। यदि प्रबंधन समय रहते सख्त कदम नहीं उठाता, तो भविष्य में ऐसी घटनाएँ और बढ़ सकती हैं। छात्रों और सुरक्षाकर्मियों दोनों के पक्ष को ध्यान में रखते हुए न्यायपूर्ण कार्रवाई ही इस तनावपूर्ण माहौल को शांत कर सकती है।

ऐसी ही जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे, धन्यवाद।

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