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भारत–ADB की 80 करोड़ डॉलर की साझेदारी: चार राज्यों में अवसंरचना, कौशल विकास और सतत विकास को नई गति

भारत सरकार और Asian Development Bank (ADB) ने देश के चार प्रमुख राज्यों में विकास, अवसंरचना, सतत कृषि और कौशल सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए 800 मिलियन USD (80 करोड़ डॉलर) के ऋण और 1 मिलियन USD (10 लाख डॉलर) की तकनीकी सहायता अनुदान पर महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किया। यह साझेदारी राज्यों की स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करेगी, तथा भारत की राष्ट्रीय विकास रणनीति को Sustainable Growth, Infrastructure Expansion और Inclusive Development प्रदान करने का काम करेगी।

भारत–ADB की 80 करोड़ डॉलर की साझेदारी

इन परियोजनाओं में महाराष्ट्र की कृषि सौरकरण पहल, इंदौर मेट्रो, गुजरात में Skill Development, और असम की SWIFT (Sustainable Wetland and Integrated Fisheries Transformation) Initiative शामिल है। यह वित्तीय सहयोग उन क्षेत्रों को नई गति देगा जहाँ विकास की संभावनाएँ विशाल हैं लेकिन आवश्यक निवेश और तकनीकी सहयोग की कमी महसूस की जा रही थी।

भारत तेज़ी से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी स्थान बनाए हुए है, और इसकी आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा आधार मजबूत अवसंरचना, सतत कृषि सुधार और कौशलयुक्त मानव संसाधन बन चुका है। ADB का यह नया ऋण पैकेज भारत के इन तीनों स्तंभों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

यह समझौता इस तथ्य को भी सुनिश्चित करता है कि, भारत विकास की गति बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, तथा वह इसे पर्यावरण सम्मत, तकनीक संचालित और सामाजिक रूप से समावेशी भी बनाना चाहता है। इन चार राज्यों के लिए प्रस्तावित परियोजनाएँ केंद्र सरकार के Vision 2047 और ADB के Sustainable and Inclusive Growth Framework दोनों के अनुरूप है।

महाराष्ट्र: कृषि सौरकरण और विद्युत वितरण को मिलेगा नया रूप

ADB के वित्तीय सहयोग से महाराष्ट्र में कृषि सौरकरण हेतु Power Distribution Enhancement परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी। इस परियोजना के कुछ मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं-

यह परियोजना PM KUSUM की भावना को आगे बढ़ाती है और राज्य के किसानों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करेगी।

इंदौर मेट्रो रेल परियोजना: शहरी गतिशीलता को मिलेगी गति

80 करोड़ डॉलर के ऋण पैकेज में Indore Metro Rail Project का विशेष स्थान है। इंदौर तेजी से बढ़ते शहरीकरण का प्रतीक है और यहाँ सार्वजनिक परिवहन की चुनौतियाँ भी बढ़ती जा रही है। यहां इस परियोजना से होने वाले लाभ-

मेट्रो संरचना का विकास शहर की यात्रा को बेहतर बनाएगा साथ ही आसपास के क्षेत्रों में रोजगार, रियल एस्टेट और व्यावसायिक केंद्रों के विकास को भी बढ़ावा देगा।

गुजरात: Skill Development का नया अध्याय

गुजरात में ADB के सहयोग से Skill Development Programme लागू किया जाएगा, जो emerging industries जैसे AI, robotics, EV manufacturing, renewable energy और modern logistics पर केंद्रित होगा। इस कार्यक्रम से होने वाले प्रमुख लाभ हैं-

भारत के Skilling Revolution को मजबूत करते हुए यह कार्यक्रम Gujarat को global standard workforce तैयार करने में मदद करेगा।

असम: जलक्षेत्र आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए SWIFT Initiative

असम में ADB द्वारा वित्त पोषित Sustainable Wetland and Integrated Fisheries Transformation (SWIFT) पहल राज्य की पर्यावरणीय चुनौतियों और आर्थिक संभावनाओं को एक साथ सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। SWIFT पहल के उद्देश्य-

असम में मत्स्यपालन आर्थिक backbone है और SWIFT इस क्षेत्र को modern technology एवं sustainable practices से जोड़कर नया रूप देगा।

ADB और भारत की साझेदारी: Sustainable Growth का मजबूत मॉडल

ADB और भारत की यह साझेदारी पिछले कई वर्षों में मजबूत हुई है और यह समझौता उसी दिशा में नया कदम है। यह वित्तीय सहयोग भारत के विभिन्न राज्यों में Multi sector development, green economy, Employment generation, Modern urban systems और Environmental sustainability को बढ़ावा देगा। यह ध्यान देने योग्य है कि इस पैकेज में शामिल 1 million USD का technical assistance grant परियोजनाओं की planning, execution और monitoring को global standards के अनुरूप बनाएगा।

भारत–ADB की 80 करोड़ डॉलर की साझेदारी

केंद्र सरकार का दृष्टिकोण: Balanced Regional Development

यह समझौता स्पष्ट संकेत देता है कि केंद्र सरकार अपने विकास मॉडल में क्षेत्रीय संतुलन (Regional Equity) को प्राथमिकता दे रही है। चार राज्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश (इंदौर), गुजरात और असम में अलग-अलग आवश्यकताओं वाली परियोजनाएँ यह दर्शाती हैं कि:

निष्कर्ष

भारत सरकार और ADB के बीच हुआ यह 80 करोड़ डॉलर का समझौता देश के चार राज्य महाराष्ट्र, इंदौर (MP), गुजरात और असम की विकास गाथा में नया अध्याय को जोड़ता है। कृषि सौरकरण से लेकर अत्याधुनिक मेट्रो connectivity, कौशल विकास से लेकर sustainable aquaculture तक, यह साझेदारी भारत की विविध विकास आवश्यकताओं को पूरा करने का संतुलित मॉडल प्रस्तुत करती है।

यह समझौता वर्तमान परियोजनाओं को गति देगा साथ ही Green Growth, Digital Transformation, Economic Empowerment और Social Inclusion की दिशा में भारत के भविष्य को भी अधिक सुरक्षित और मजबूत करेगा।

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