बढ़ते Cyber Crime और डिजिटल डोमेन में सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। District Headquarters, West Bengal द्वारा Aparsoft, New Delhi के सहयोग से दो दिवसीय Advanced Cyber Security & Safe Internet Usage Training Programme को आयोजित किया गया, जिसमें ICG कर्मियों और सिविल स्टाफ ने भी भाग लिया।
तेज़ी से बदलते डिजिटल वातावरण, maritime security की जटिलताओं और बढ़ते cyber intrusions के दौर में यह प्रशिक्षण Indian Coast Guard की साइबर प्रतिरक्षा (Cyber Defence Preparedness) को और मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक पहल साबित हुआ है।
भारत की समुद्री सीमाएँ 7,500 किमी से अधिक विस्तार में फैली हुई है, और maritime activities का बड़ा हिस्सा अब डिजिटल नेटवर्किंग, data exchange, navigation systems और automated controls पर निर्भर करता है। ऐसे में, cyber-attacks का खतरा सूचना चोरी या वेबसाइट हमलों तक सीमित नहीं है बल्कि यह national maritime security, vessel movements, surveillance systems और port operations को भी प्रभावित कर सकता है।
इसी परिवर्तित परिदृश्य को देखते हुए Indian Coast Guard का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत प्रासंगिक था।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य था कि-
- Indian Coast Guard personnel को digital vulnerabilities के प्रति जागरूक बनाना
- cyber hygiene practices को मजबूत करना
- maritime specific cyber threats की पहचान क्षमता को बढ़ाना
- सुरक्षित digital व्यवहार (Safe Internet Behaviour) को संस्थागत स्तर पर विकसित करना
cyber intrusions से निपटने के आधुनिक तरीके
दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा कई महत्वपूर्ण cyber security domains पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। इन विषयों को Indian Coast Guard की operational आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था।
Cyber Threat Landscape Analysis
प्रशिक्षण में वर्तमान साइबर वातावरण का विश्लेषण किया गया, जिसमें निम्नलिखित शामिल थे-
- phishing और spear phishing attacks
- maritime cyber espionage
- ransomware और malware threats
- unauthorized data access
- port cyber intrusion patterns
विशेषज्ञों ने बताया कि maritime sector अब global cyber criminals, hostile entities और hacktivists के प्रमुख निशानों में शामिल है।
Secure Internet Usage Practices
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग से जुड़ी तकनीकें और best practices बताई गईं:
- safe browsing rules
- password management
- two factor authentication (2FA)
- secure communication tools
- encrypted data transfer
- use of VPN for official resources
इसका उद्देश्य ICG कर्मियों को personal और professional digital usage दोनों में जोखिम कम करने की क्षमता प्रदान करना था।
Cyber Defence in Maritime Domain
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह थी कि इसमें maritime cyber defence पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अंतर्गत कुछ विशेष बातों की जानकारी दी गई-
- vessel management systems में cyber intrusion detection
- GPS spoofing और AIS tampering की पहचान
- maritime surveillance systems की सुरक्षा
- operations control systems के सुरक्षित प्रोटोकॉल
- coastal radars और sensors की cyber integrity
इन विषयों ने Indian Coast Guard कर्मियों को यह समझने में मदद की कि समुद्री क्षेत्र में साइबर हमला किस स्तर तक operational disruption पैदा कर सकता है।
Incident Response & Mitigation Mechanisms
साइबर हमलों से निपटने में सबसे महत्वपूर्ण है समय पर और सटीक प्रतिक्रिया। प्रशिक्षण में निम्न बिंदुओं पर विस्तृत मॉड्यूल शामिल थे-
- cyber incident reporting mechanisms
- real time threat monitoring
- data breach containment steps
- forensic analysis basics
- recovery and system hardening procedures
इस सत्र ने प्रतिभागियों को practical tools दिए, जिससे वे ऐसी परिस्थितियों में तुरंत कार्रवाई कर सकें।
Aparsoft New Delhi का योगदान: तकनीकी सहयोग की उत्कृष्ट मिसाल
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में Aparsoft (New Delhi) ने तकनीकी विशेषज्ञता और advanced cyber solutions प्रदान किए। साइबर सुरक्षा के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने सुनिश्चित किया कि-
- training modules global standards से मेल खाएँ
- maritime domain specific case studies शामिल हों
- threat simulation exercises कराए जाएँ
- practical demonstrations के माध्यम से प्रतिभागियों की समझ को गहरा किया जाए
Aparsoft की भागीदारी से कार्यक्रम तकनीकी रूप से और अधिक प्रभावशाली बना।
Indian Coast Guard की साइबर सुरक्षा रणनीति को मिला नया आयाम
इस प्रशिक्षण के माध्यम से Indian Coast Guard ने स्पष्ट संदेश दिया कि maritime operations की सुरक्षा अब केवल भौतिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह Cyber Security is also National Security। यह कार्यक्रम Indian Coast Guard की व्यापक cyber preparedness strategy का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य कर्मियों की डिजिटल क्षमताओं को उन्नत करना, maritime cyber risks को कम करना, national maritime assets की सुरक्षा सुनिश्चित करना और Digital India के अनुरूप सुरक्षा ढाँचा मजबूत करना है।
निष्कर्ष
हल्दिया में आयोजित दो दिवसीय Advanced Cyber Security & Safe Internet Usage Training Indian Coast Guard की cyber resilience बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। तेजी से बढ़ते डिजिटल खतरे maritime sector को भी चुनौती दे रहे हैं, और ऐसे में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत की समुद्री सीमाएँ केवल जहाज़ों और हथियारों से नहीं, बल्कि मजबूत cyber shields से भी सुरक्षित रहें।
Indian Coast Guard की यह पहल केवल संगठन को भविष्य के साइबर खतरों से मुकाबला करने के लिए तैयार ही नहीं करती है, बल्कि maritime cyber security को एक राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत करती है। भारत की तटीय सुरक्षा अब बहुआयामी हो चुकी है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने इसे और अधिक मजबूत, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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