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Indian Navy की ताकत में जबरदस्त इजाफा, Italy से 48 टॉरपीडो खरीदने का करार

Indian Navy की समुद्री क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। Indian Government ने Italy की एक प्रमुख रक्षा कंपनी से 48 एडवांस टॉरपीडो खरीदने का करार किया है। इस डील की कुल कीमत 1896 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस सौदे के पूरा होने के बाद भारतीय नौसेना की पनडुब्बियों की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी।

Indian Navy की ताकत में इजाफा, Italy से 48 टॉरपीडो का करार

यह रक्षा सौदा ऐसे समय में हुआ है, जब भारत अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है। खासकर हिंद महासागर में China की बढ़ती मौजूदगी और पड़ोसी देशों की नौसैनिक गतिविधियों को देखते हुए यह डील India के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Indian Navy को क्यों चाहिए थे नए टॉरपीडो

Indian Navy के पास इस समय कई आधुनिक पनडुब्बियां हैं, जिनमें Kalvari Class (Scorpene Submarines) और अन्य पारंपरिक पनडुब्बियां शामिल हैं। इन पनडुब्बियों की असली ताकत उनके हथियार सिस्टम पर निर्भर करती है। टॉरपीडो किसी भी पनडुब्बी का सबसे घातक हथियार माना जाता है, जिसकी मदद से दुश्मन के युद्धपोत और पनडुब्बियों को निशाना बनाया जाता है।

हाल के वर्षों में Navy को पुराने टॉरपीडो सिस्टम के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में नए और अत्याधुनिक टॉरपीडो की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब Italy से खरीदे जा रहे ये 48 टॉरपीडो नौसेना की पनडुब्बियों को लंबी दूरी, ज्यादा सटीकता और उच्च मारक क्षमता प्रदान करेंगे।

1896 करोड़ की डील से क्या मिलेगा भारत को

इस डील के तहत भारत को जो टॉरपीडो मिलेंगे, वे आधुनिक तकनीक से लैस होंगे। इनमें बेहतर Guidance System, ज्यादा स्पीड और आधुनिक सेंसर लगे होंगे, जिससे दुश्मन को चकमा देना और लक्ष्य को सटीक तरीके से भेदना आसान होगा। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, ये टॉरपीडो समुद्र के भीतर छिपी दुश्मन की पनडुब्बियों के लिए बेहद खतरनाक साबित होंगे।

इसके अलावा, यह डील भारत की Underwater Warfare Capability को भी मजबूत करेगी। भविष्य में किसी भी समुद्री संघर्ष की स्थिति में Indian Navy तेजी से और प्रभावी तरीके से जवाब देने में सक्षम होगी।

Italy की कंपनी और अगस्ता वेस्टलैंड कनेक्शन

इस डील की सबसे दिलचस्प और चर्चित बात यह है कि जिस इटली की कंपनी से भारत यह टॉरपीडो खरीद रहा है, उसका नाम पहले AgustaWestland VVIP Helicopter Scam से जुड़े विवादों में आ चुका है। हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि मौजूदा सौदा पूरी तरह से नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया है।

Indian Navy की ताकत में इजाफा, Italy से 48 टॉरपीडो का करार

सरकार का कहना है कि कंपनी की मौजूदा संरचना और प्रबंधन पहले से अलग है और इस सौदे में सभी जरूरी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है। इसके बावजूद विपक्ष और रक्षा मामलों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ इस डील को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।

India-Italy रक्षा संबंधों को मिलेगी मजबूती

इस सौदे को India और Italy के बीच Defence Cooperation के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में India ने कई देशों के साथ रक्षा साझेदारी को मजबूत किया है, जिनमें Amrica, France और Russia के साथ-साथ यूरोपीय देश भी शामिल हैं। Italy से यह डील दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और रक्षा व्यापार को नई ऊंचाई दे सकती है। साथ ही, India को भविष्य में एडवांस टेक्नोलॉजी तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलेगी।

Indian Ocean Region में India की भूमिका लगातार बढ़ रही है। यहां चीन की नौसैनिक गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में Indian Navy को मजबूत बनाना भारत की प्राथमिकता है। नए टॉरपीडो मिलने के बाद भारत की पनडुब्बियां दुश्मन पर पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी हमला कर सकेंगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भारत के Maritime Security Strategy का अहम हिस्सा है। इससे न केवल India की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

Make in India और भविष्य की योजनाएं

यह सौदा विदेशी कंपनी से किया गया है, लेकिन सरकार का कहना है कि भविष्य में India स्वदेशी हथियारों के निर्माण पर भी जोर देगा। Make in India के तहत टॉरपीडो और अन्य नौसैनिक हथियारों के देश में निर्माण की योजनाएं पहले से चल रही हैं। फिलहाल, तात्कालिक जरूरतों को देखते हुए यह डील की गई है, ताकि नौसेना की ऑपरेशनल तैयारियों में कोई कमी न रह जाए।

निष्कर्ष

Indian Navy की ताकत में जबरदस्त इजाफा, Italy से 48 टॉरपीडो खरीदने का करार भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा और निर्णायक कदम है। 1896 करोड़ रुपये की यह डील न केवल नौसेना की पनडुब्बियों को ज्यादा घातक बनाएगी, बल्कि हिंद महासागर में India की रणनीतिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।

Italy की कंपनी से जुड़े पुराने विवादों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार का दावा है कि यह सौदा पूरी तरह पारदर्शी और देशहित में है। आने वाले समय में यह डील Indian Navy की ताकत का अहम आधार साबित हो सकती है।

ऐसी ही जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे, धन्यवाद।

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