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Israel Gaza Airstrike: Israel के हमले से 24 की मौत, 45 से ज्यादा घायल, कई परिवार तबाह

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। लंबे समय से जारी संघर्ष विराम के बावजूद Gaza पर Israel ने अचानक से हवाई हमले कर दिए, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी दहशत फैल गई। Gaza स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इन हमलों में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है और 45 से ज्यादा नागरिक घायल हुए हैं। यह हमला इतनी तेजी और अचानक हुआ कि स्थानीय लोग समझ ही नहीं पाए कि उनके ऊपर किस दिशा से बमबारी होने लगी।

Israel Gaza Airstrike

यह घटना संघर्ष के इतिहास में एक और दर्दनाक अध्याय जोड़ती है, जिसने Gaza के नागरिकों को फिर से खौफ और विनाश के अंधेरे में धकेल दिया है। कई इलाकों से उठते धुएँ के गुबार, चीखें, भागते लोग और मलबे में दबे परिवार यह बताने के लिए काफी हैं कि इस हमले का असर कितना विनाशकारी था।

Gaza के अस्पतालों में अफरा-तफरी, जगह-जगह घायल बच्चे

हमले के बाद Gaza के अस्पतालों, खासकर शिफा अस्पताल में स्थिति बेहद गंभीर हो गई। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि हमलों के तुरंत बाद घायल लोगों को बड़ी संख्या में लाया गया, जिनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे अधिक थी। डॉक्टरों और नर्सों ने बताया कि सीमित मेडिकल सप्लाई और लगातार बढ़ रहे मरीजों के कारण इलाज में बड़ी परेशानियां आ रही हैं। अस्पताल के वार्ड, गलियारे और यहां तक कि बाहर के खुले हिस्से तक घायल लोगों से भर गए।

कई मरीजों को जमीन पर ही प्राथमिक उपचार देना पड़ा क्योंकि स्ट्रेचर तक कम पड़ गए। इस हमले ने एक बार फिर Gaza की इंसानी पीड़ा को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो वे किसी भी समय मेडिकल सिस्टम के पूरी तरह ढहने की आशंका से इंकार नहीं कर सकते।

Israel का दावा ‘हमास की फायरिंग का जवाब’

दूसरी ओर, Israel ने अपने हमले को सही ठहराते हुए दावा किया कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई। Israel सेना ने कहा कि उनके सैनिकों पर Gaza से हमास के लड़ाकों द्वारा गोलियां चलाई गईं और उन्होंने “आतंकवादियों के ठिकानों” को निशाना बनाया। हालांकि आलोचकों का कहना है कि हमले घनी आबादी वाले इलाकों में किए गए, जहां आम नागरिक सबसे अधिक रहते हैं।

Israel Gaza Airstrike

Gaza प्रशासन ने आरोप लगाया है कि Israel का वास्तविक निशाना आम लोग बने और इस हमले ने न सिर्फ संघर्ष विराम का उल्लंघन किया बल्कि इसे पूरी तरह कमजोर करने की कोशिश भी की है। इस बयानबाजी के बीच सबसे ज्यादा नुकसान उन्हीं बेगुनाह लोगों को हो रहा है जो इस लड़ाई का हिस्सा नहीं हैं, पर हर बार युद्ध का सबसे बड़ा खामियाजा वही झेलते हैं।

बचाव टीमें लगातार काम में जुटीं

इस हमले के बाद Gaza के कई इलाकों में घर पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गए। बचाव दल घंटों तक मलबा हटाते रहे, ताकि दबे हुए लोगों को जिंदा निकाला जा सके। कई परिवारों की पूरी-की-पूरी इमारतें पल भर में ढह गईं, जिससे एक ही हमले में पूरे परिवार का नामोनिशान मिट गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमला इतना तेज और अचानक हुआ कि लोग भागने की कोशिश भी नहीं कर पाए।

माता-पिता अपने घायल बच्चों को गोद में उठाए भागते रहे, कुछ लोग टूटे दरवाजों और बिखरी दीवारों के बीच अपने परिजनों की तलाश करते नजर आए। इन दृश्यों ने सोशल मीडिया पर भी मजबूत प्रतिक्रिया पैदा कर दी है, जहां लोग लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर निर्दोष नागरिक कब तक ऐसे हमलों का बोझ उठाते रहेंगे। मलबे में पड़ी टूटी चीजें सिर्फ सामान नहीं, बल्कि बिखरी हुई उम्मीदें और अधूरे सपने हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब 10 अक्टूबर से संघर्ष विराम लागू था, जिसे अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और देशों ने सराहा था। लेकिन इस अचानक हुए हमले ने न सिर्फ Ceasefire की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि क्षेत्र में स्थायी शांति अभी भी बहुत दूर है। दुनिया भर के देशों ने इस हमले को लेकर चिंता व्यक्त की है और कई देशों ने Israel और हमास दोनों से संयम बरतने की अपील की है।

Israel Gaza Airstrike

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार के सैन्य कदम को केवल अंतिम विकल्प के रूप में देखा जाना चाहिए। लेकिन वर्तमान स्थिति देखकर लगता है कि रणनीतिक और राजनीतिक लक्ष्यों की इस लड़ाई में आम जनता ही सबसे अधिक प्रभावित हो रही है।

Gaza की जनता का भविष्य और भी अनिश्चित

इस हमले ने Gaza की पहले से खराब हालत को और बिगाड़ दिया है। बिजली और पानी की कमी, सीमित भोजन सप्लाई, टूटे घर, मृत और घायल लोग इन सबने आम जनता के सामने एक असहनीय स्थिति पैदा कर दी है। हजारों बच्चे मानसिक तनाव झेल रहे हैं, जिन्हें हर धमाके के साथ लगने लगता है कि शायद अब उनका घर भी खत्म हो जाएगा। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए जीवन और भी मुश्किल हो चुका है। राहत कैंपों में जगह कम पड़ने लगी है और स्थानीय लोग भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। Gaza में रहने वाले नागरिकों का कहना है कि वे युद्ध नहीं, बल्कि सिर्फ शांति चाहते हैं ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

निष्कर्ष

Israel के इस हवाई हमले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मध्य पूर्व की स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील और अस्थिर है। Gaza में 24 मौतें, दर्जनों घायल, टूटे घर, बिखरी जिंदगी ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि उन परिवारों की कहानी बताते हैं जिन्होंने पल भर में सब कुछ खो दिया। संघर्ष विराम वास्तविक समाधान नहीं बन पा रहा, क्योंकि हर बार किसी न किसी कारण से हिंसा दोबारा शुरू हो जाती है।

जब तक बातचीत और स्थायी शांति प्रक्रिया को मजबूती नहीं मिलेगी, तब तक ऐसे हमले जारी रहेंगे और नुकसान उठाएंगे वही निर्दोष लोग जिन्हें इस संघर्ष से कोई सीधा मतलब भी नहीं। दुनिया को अब मिलकर शांति की दिशा में काम करने की जरूरत है, क्योंकि यह संघर्ष जितना लंबा चलता जाएगा, उतने ही ज्यादा लोग इसके शिकार बनते रहेंगे।

ऐसे ही जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे, धन्यवाद।

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