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IND vs SA Test: South Africa ने India को 30 रनों से हरा कर, सीरीज में बनाई बढ़त

India और South Africa के बीच Kolkata के Eden gardens में खेला गया पहला टेस्ट मैच शुरुआत से लेकर अंत तक रोमांच से भरा रहा। दोनों टीमों की गेंदबाजी छाई रही और बल्लेबाजी दोनों ही पक्षों में संघर्ष करती दिखी। लेकिन आखिर में जीत उसी टीम की होती है जो महत्वपूर्ण मौकों पर खुद को बेहतर साबित करती है, और इस मैच में वह टीम दक्षिण अफ्रीका रही।

South Africa ने India को 30 रनों से हरा कर, सीरीज में बनाई बढ़त

मेहमान टीम ने India को 30 रनों से हराकर न सिर्फ मुकाबला अपने नाम किया बल्कि टेस्ट सीरीज में 1-0 की मजबूत बढ़त भी बना ली। यह मुकाबला इस बात का बेहतरीन उदाहरण बना कि टेस्ट क्रिकेट में कोई भी लक्ष्य छोटा नहीं होता, खासकर जब पिच अनिश्चित हो और गेंदबाज सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी कर रहे हों।

South Africa ने दिखाया धैर्य और क्लास

South Africa ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जो शुरुआत में थोड़ा जोखिम भरा लग रहा था क्योंकि पिच पर शुरूआती घास और नमी तेज गेंदबाजों के लिए मददगार थी। India के तेज गेंदबाजों ने भी शुरू के ओवरों में शानदार गेंदबाजी की और South Africa के ओपनर्स को खुलकर खेलने नहीं दिया।

हालांकि, शुरुआती झटकों के बावजूद South Africa के मध्य क्रम ने धैर्य और परिपक्वता का दिखावा करते हुए महत्वपूर्ण साझेदारियाँ जोड़ीं। गेंद पिच पर कभी रुककर आ रही थी और कभी उछाल ले रही थी, लेकिन South Africa के बल्लेबाजों ने अपने शॉट्स को नियंत्रित रखा और खराब गेंदों पर रन बटोरते रहे।

पहली पारी में South Africa ने लगभग 159 रन का स्कोर खड़ा किया, जो इस तरह की सतह पर एक प्रतिस्पर्धी और मनोवैज्ञानिक बढ़त देने वाला स्कोर था। भारतीय गेंदबाजी काफी अच्छी रही और उन्हें कम रनो पर रोक लिया।

India की अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ा स्कोर नहीं बन पाया

भारतीय टीम जब पहली पारी खेलने उतरी तो दर्शकों की उम्मीदें काफी ऊंची थीं। शुरुआती कुछ ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों ने सकारात्मक खेल दिखाया और कुछ आकर्षक शॉट्स भी लगाए। लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती गई, South Africa के गेंदबाजों ने reverse swing और off-cutter का इस्तेमाल शुरू किया और भारतीय बल्लेबाज दबाव में आ गए।

South Africa ने India को 30 रनों से हरा कर, सीरीज में बनाई बढ़त

मध्य क्रम से किसी भी बल्लेबाज ने बड़ी पारी नहीं खेली, जबकि इस पिच पर एक खिलाड़ी का टिककर खेलना टीम को भारी बढ़त दिला सकता था। बार-बार wickets गिरने से भारतीय बल्लेबाजों को पारी को स्थिर करने का मौका ही नहीं मिला। नतीजा यह हुआ कि भारतीय टीम सिर्फ 189 रन के आसपास ही सिमट गई।

South Africa की दूसरी पारी: कम स्कोर, लेकिन भारत के लिए बड़ी चुनौती

दूसरी पारी में South Africa की शुरुआत खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से आक्रामक शुरुआत की और जल्दी-जल्दी विकेट हासिल किए। ऐसा लग रहा था कि भारत मैच में शानदार वापसी कर सकता है। लेकिन South Africa के निचले और मध्य क्रम ने कुछ महत्वपूर्ण रन जोड़कर टीम को लगभग 153 के आसपास पहुंचाया। यह स्कोर भले ही छोटा लग रहा था, लेकिन पिच का व्यवहार अब काफी कठिन हो चुका था। बॉल टर्न भी हो रही थी, रुक भी रही थी, और तेजी से भी निकल रही थी।

यानी कि India के सामने 124 रन का लक्ष्य जरूर था, लेकिन वह उतना आसान नहीं जितना स्कोरबोर्ड पर दिख रहा था। Kolkata की सूखी पिच तीसरे दिन बल्लेबाजी के लिए किसी जाल से कम नहीं साबित हुई।

India की दूसरी पारी: सबसे निराशाजनक बल्लेबाजी प्रदर्शन

124 रन का छोटा सा लक्ष्य लेकर जब भारतीय टीम मैदान पर उतरी तो उम्मीद थी कि टीम आराम से मैच खत्म कर लेगी। लेकिन South Africa गेंदबाजों ने शुरुआत से ही Indian बल्लेबाजों को बैकफुट पर डाल दिया। तेज गेंदबाजों ने शानदार seam movement हासिल की और भारतीय टॉप ऑर्डर को डगमगा दिया। शुरुआती 4 विकेट 40 रन के अंदर ही गिर गए, जिससे भारत दबाव में आ गया।

इसके बाद आने वाले बल्लेबाज भी स्थिति को संभाल नहीं पाए। कुछ खिलाड़ियों ने आक्रामक खेलने की कोशिश की, जिससे रन तो आए लेकिन साथ ही विकेट भी खो गए। पिच की अनिश्चित bounce और टर्न ने बल्लेबाजों को डॉट पर रखा और South Africa के गेंदबाजों ने एक-एक कर Indian बल्लेबाजों को आउट करते हुए मैच को अपनी ओर झुका लिया।

अंत में India सिर्फ 93 रन ही बना पाया और 30 रनों से मैच गंवा दिया। यह हार भारतीय टीम की बल्लेबाजी कमजोरियों को साफ उजागर कर गई। छोटे लक्ष्य को चेज करने के बावजूद भारतीय टीम का संघर्ष दिखाता है कि पिच की कठिनाई के साथ-साथ बल्लेबाजी तकनीक में भी सुधार की जरूरत है।

मैच का टर्निंग प्वाइंट

इस मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट वह समय था जब India की दूसरी पारी में 4 विकेट तेजी से गिरे। इसके बाद भारतीय टीम कभी लक्ष्य की ओर बढ़ती हुई नजर ही नहीं आई। South Africa की reverse swing और disciplined bowling ने भारत के बल्लेबाजों को बैकफुट पर रखा। South Africa के गेंदबाजों की लाइन-लेंथ इतनी सटीक थी कि उन्हें विकेट लेने के लिए अतिरिक्त प्रयास की भी जरूरत नहीं पड़ी। दूसरी ओर, Indian बल्लेबाजों ने अपने शॉट चयन में कई गलतियाँ कीं, जो दबाव में और ज्यादा भारी पड़ गईं।

सीरीज पर बड़ा असर

इस जीत ने South Africa के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। 1-0 की बढ़त के साथ अब मेहमान टीम के पास सीरीज जीतने का सुनहरा मौका है। वहीं India के सामने अब अगले टेस्ट में वापसी करने की बड़ी चुनौती है। टीम को कॉम्बिनेशन में बदलाव करना पड़ सकता है और बल्लेबाजी में मजबूती दिखानी होगी।

निष्कर्ष

Kolkata टेस्ट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टेस्ट क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। एक पल में मैच आपके हाथ में लगता है और अगले ही पल खेल बदल जाता है। South Africa की योजनाबद्ध गेंदबाजी और India की कमजोर बल्लेबाजी ने इस मुकाबले का परिणाम तय कर दिया। अब देखने वाली बात यह होगी कि India अगले टेस्ट में कैसी रणनीति अपनाती है और क्या टीम South Africa की बढ़त को कम कर पाती है या नहीं।

ऐसे ही जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे, धन्यवाद।

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