कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक बार फिर बड़ा राजनीतिक मोर्चा खोलते हुए ऐलान किया है कि वह 5 जनवरी 2026 से देशभर में MGNREGA बचाओ अभियान’ शुरू करेगी। पार्टी का आरोप है कि Central Government, Mahatma Gandhi राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी MGNREGA को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है और इसे समाप्त कर इसकी जगह एक नया ग्रामीण रोजगार ढांचा लागू करने की तैयारी में है। कांग्रेस का कहना है कि यह फैसला देश के करोड़ों ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। पार्टी ने इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक न्याय से जुड़ा हुआ बताया है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि MGNREGA आज ग्रामीण भारत की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि Central Government की नीतियों के कारण MGNREGA का बजट घटाया गया है, मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है और काम के अवसर लगातार कम किए जा रहे हैं। Mallikarjun Kharge के अनुसार, अगर MGNREGA को कमजोर किया गया तो इसका सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ेगा, जिनके पास आय का कोई दूसरा स्थायी साधन नहीं है।
क्या है ‘MGNREGA बचाओ अभियान’
MGNREGA बचाओ अभियान को लेकर कांग्रेस का कहना है कि यह एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन होगा, जिसमें पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को MGNREGA के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे। इस अभियान के तहत जनसभाएं, पदयात्राएं, धरना-प्रदर्शन और जिला व ब्लॉक स्तर पर ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस का उद्देश्य है कि ग्रामीण मजदूरों, महिलाओं और किसानों को यह समझाया जाए कि MGNREGA सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक कानूनी अधिकार है, जिसे बचाना बेहद जरूरी है।
क्यों विरोध कर रही है कांग्रेस
कांग्रेस का आरोप है कि Central Government MANREGA को खत्म करने की मंशा से लगातार इसके बजट में कटौती कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कई राज्यों में मजदूरों को महीनों तक भुगतान नहीं मिलता, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाती है। इसके अलावा, 100 दिनों के रोजगार की गारंटी अब केवल कागजों तक सीमित रह गई है। कांग्रेस के मुताबिक, सरकार एक नया ग्रामीण रोजगार ढांचा लाने की बात कर रही है, लेकिन उसमें MGNREGA जैसी कानूनी सुरक्षा नहीं होगी, जिससे मजदूरों के अधिकार कमजोर हो जाएंगे।
ग्रामीण भारत पर MGNREGA का असर बेहद व्यापक रहा है। इस योजना ने न केवल ग्रामीण बेरोजगारी को कम किया, बल्कि गांवों से शहरों की ओर होने वाले पलायन पर भी रोक लगाई। कठिन आर्थिक परिस्थितियों, सूखे या बाढ़ जैसी आपदाओं के समय MGNREGA ने लाखों परिवारों को सहारा दिया है। कांग्रेस का कहना है कि अगर इस योजना को कमजोर किया गया, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा और गरीबी व बेरोजगारी और बढ़ेगी।
कांग्रेस का सरकार पर सीधा हमला
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि MGNREGA के तहत महिलाओं की भागीदारी हमेशा अधिक रही है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता मिली। अगर इस योजना को खत्म किया गया, तो महिलाओं को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। पार्टी का दावा है कि MGNREGA ने सामाजिक समानता और समावेशी विकास को बढ़ावा दिया है, जिसे किसी भी कीमत पर खत्म नहीं किया जाना चाहिए।
5 जनवरी से क्या होगा खास
5 जनवरी 2026 से शुरू होने वाला यह अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में चलाया जाएगा। पहले चरण में जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि दूसरे चरण में राज्य की राजधानियों और राष्ट्रीय स्तर पर बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान में पार्टी के सांसद, विधायक, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारी सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे।
इसके साथ ही मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। राजनीति के मुताबिक, MANREGA हमेशा से एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। ग्रामीण मतदाताओं पर इसका गहरा असर पड़ता है और यही वजह है कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपना रही है। लोगों का मानना है कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और ग्रामीण संकट के बीच MGNREGA को लेकर विपक्ष का यह हमला Central Government के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकता है। फिलहाल Central Government की ओर से कांग्रेस के इस अभियान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सरकार पहले भी यह कहती रही है कि वह ग्रामीण रोजगार योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए सुधार कर रही है। हालांकि, कांग्रेस का दावा है कि ये सुधार नहीं, बल्कि MGNREGA को खत्म करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।
निष्कर्ष
MGNREGA को खत्म करने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा ऐलान, 5 जनवरी से राष्ट्रव्यापी अभियान आने वाले समय में देश की राजनीति को और गर्माने वाला है। ‘MGNREGA बचाओ अभियान’ के जरिए कांग्रेस न सिर्फ Central Government की नीतियों का विरोध करेगी, बल्कि ग्रामीण भारत के रोजगार, अधिकार और सम्मान की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने की कोशिश करेगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अभियान कितना असर डालता है और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
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