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‘Viksit Bharat: Security Dimensions’ थीम पर केंद्रित DGP/IGP Conference 2025: प्रधानमंत्री ने प्रोफेशनलिज़्म, संवेदनशीलता और समन्वय को बताया पुलिसिंग का मूल आधार

वार्षिक DGP/IGP Conference 2025 इस वर्ष कई दृष्टियों से ऐतिहासिक और अत्यंत सार्थक रहा है। प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में सुरक्षा के बदलते आयामों, नई राष्ट्रीय आवश्यकताओं और Viksit Bharat 2047 के विज़न को ध्यान में रखते हुए पुलिसिंग के भविष्य पर विस्तृत चर्चा की गई। इस सम्मेलन का केंद्रीय विषय था कि— “Viksit Bharat: Security Dimensions” जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा रणनीति अब केवल पारंपरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, यह अब multi-dimensional, technology driven और citizen centric हो चुकी है।

Viksit Bharat Security Dimensions पर केंद्रित DGP Conference

सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने पुलिस बलों में professionalism, sensitivity और responsiveness को अनिवार्य गुण बताया और कहा कि आने वाले वर्षों में पुलिसिंग की यही त्रिमूर्ति भारत की सुरक्षा संरचना को मजबूत बनाएगी।

भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था निरंतर बदलते वैश्विक परिदृश्यों, उभरती तकनीकों, साइबर खतरों, प्राकृतिक आपदाओं और सामाजिक परिवर्तनों के बीच अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में DGP/IGP Conference अनुभव साझा करने के मंच के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के लिए दिशा देने वाला उच्च स्तरीय रणनीतिक मंच भी बन चुका है।

इस वर्ष का सम्मेलन कई कारणों से महत्वपूर्ण रहा—

प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि अगले दशक में Viksit Bharat की पुलिसिंग अधिक वैज्ञानिक, तकनीक संवर्धित और नागरिक केन्द्रित रूप लेगी।

सम्मेलन में प्रधानमंत्री का फोकस: आधुनिक भारत के लिए आधुनिक पुलिसिंग

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि एक विकसित भारत के लिए आधुनिक और संवेदनशील पुलिस प्रणाली आवश्यक है। उन्होंने तीन मुख्य स्तंभों पर विशेष बल दिया-

Professionalism: Tech-driven & skill-based policing की आवश्यकता

प्रधानमंत्री ने कहा कि:

उन्होंने यह भी कहा कि professionalism केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि पारदर्शिता, accountability और service delivery में उत्कृष्टता भी है।

Viksit Bharat Security Dimensions पर केंद्रित DGP Conference

Sensitivity: नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता ही पुलिसिंग का आधार

प्रधानमंत्री ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि police का चेहरा नागरिकों के लिए भरोसे का चेहरा होना चाहिए। उन्होंने बताया:

इन सबमें पुलिस की भूमिका केवल कानून लागू करने की नहीं, बल्कि एक संवेदनशील संरक्षक के तरह होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि police public trust एक विकसित भारत की बुनियाद है।

Responsiveness: त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत

प्रधानमंत्री ने कहा कि Response time किसी भी पुलिस प्रणाली की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना है। modern communication tools, AI enabled surveillance systems, real time data analytics, और integrated command centers इससे जुड़े मुख्य तत्व हैं।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि responsiveness केवल अपराध घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि disaster response, emergency rescue, crowd management और major public events में भी police की भूमिका decisive होती है।

“Whole of Government Approach” पुलिसिंग का नया दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आधुनिक सुरक्षा पुलिस क्षेत्र के अलावा यह सरकार की हर संस्था, हर विभाग और हर स्तर की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि-

Viksit Bharat का सुरक्षा मॉडल एकीकृत, सहयोगी और तकनीक प्रधान होगा। विशेष रूप से, प्रधानमंत्री ने natural disaster preparedness को पुलिसिंग के साथ जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल first responders होते हैं, इसलिए उनकी training और coordination disaster management agencies के साथ seamless होना चाहिए।

Intelligence Bureau के अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने President’s Police Medals for Distinguished Service को IB अधिकारियों को प्रदान किया। ये सम्मान इस बात का प्रमाण हैं कि भारत की आंतरिक सुरक्षा में Intelligence Bureau के निरंतर प्रयास कितने महत्वपूर्ण हैं। सम्मानित अधिकारियों ने Counter terrorism, Counter intelligence, Cyber surveillance, National Security Analysis और रणनीतिक खुफिया संचालन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री ने इन अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि:

“Their service to the nation is a source of inspiration and strength for our security framework.”

Viksit Bharat के प्रमुख संदेश और भविष्य की दिशा

DGP/IGP Conference 2025 से भारत की सुरक्षा प्रणाली के लिए कई महत्वपूर्ण संदेश निकलते हैं:

निष्कर्ष

वार्षिक DGP/IGP Conference 2025 ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत का सुरक्षा तंत्र अब भविष्य उन्मुख, तकनीक संवर्धित और नागरिक केन्द्रित दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा professionalism, sensitivity और responsiveness पर दिया गया ज़ोर उन मूल्यों की पहचान है जो भारत को Viksit Bharat की ओर ले जाएंगे।

Whole of Government Approach के माध्यम से policing को national development model का अंग बनाकर भारत अपनी आंतरिक सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। Intelligence Bureau अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित करना देश की सुरक्षा प्रणाली के प्रति समर्पित उन अदृश्य योद्धाओं की सराहना है, जो राष्ट्र की आंतरिक स्थिरता की रक्षा में निरंतर सक्रिय रहते हैं।

यह सम्मेलन सिर्फ एक वार्षिक बैठक ही नहीं बल्कि Viksit Bharat की सुरक्षा संरचना के भविष्य का रोडमैप भी है।

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