भारत में मौसम विभाग (IMD) द्वारा मानसून अपडेट 2025 जारी किया गया है जिसमें भारत के कई राज्यों में भारी बारिश होने की आशंका जताई जा रही है।चूकीं अभी मानसून अपने चरम पर आ चुका है जिस वजह से मौसम विभाग में देश के उत्तर पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की अत्यंत संभावना बताई है। इन दिनों भारत के कई जगहों पर ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मौजूदा स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने नदी के किनारे के इलाकों, पहाड़ी राज्यों तथा मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन को लेकर आम जनता के बीच अत्यधिक जागरूकता फैलाने का कार्य किया है। ऐसे में लोगों को सतर्क तथा सुरक्षा नियमों का पालन करते रहने की अत्यंत आवश्यकता है। प्रशासन को भी ऐसी परिस्थिति के लिए 24 घंटे जागरूक रहना चाहिए।
राज्य जो हैं रेड अलर्ट के अंतर्गत
मौसम विभाग के रिपोर्ट के अनुसार भारत में अगले दो-तीन दिनों में कई राज्यों में मौसम परिवर्तन होने की अत्यंत संभावना है। जिन राज्यों में यह परिवर्तन देखा जाएगा वो हैं –
• उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश जो कि पहाड़ी राज्यों के अंतर्गत आता है वहां भूस्खलन और सड़क अवरोध की आशंका जताई जा रही है।
• बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी राज्यों में गंगा व उसकी सहायक नदियों में जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर चेतावनी दी जा रही है।
• महाराष्ट्र तथा गुजरात के मुख्य शहरों में भारी वर्षा से जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
• वहीं पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय जैसे राज्यों में लगातार हो रही वर्षा से बाढ़ का ख़तरा बढ़ गया है।

मॉनसून 2025 की स्थिति
ऐसा माना जा रहा है कि इस बार का मानसून सामान्य मानसून से अत्यधिक सक्रिय है। समुद्री तट पर बन रहे निम्न दाब के कारण भारी बारिश होने की संभावना अधिक तीव्र हो गई है। इस दाब के वजह से देश के पश्चिमी तटों पर लगातार वर्षा हो रही है। कुछ राज्यों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। पूर्वोत्तर भारत में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब आ चुका है।
प्रशासन की तैयारियां
भारी बारिश के वजह से हर रेड अलर्ट वाले जगहों पर राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभागों (NDRF) ने राहत दलों को तैनात कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम, बचाव सामग्री तथा नावों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन द्वारा पहाड़ी इलाकों में आम जनता की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने तथा नदी किनारे पर स्थित गांवों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

आम लोगों के लिए सुरक्षा टिप्स
• भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से खुद को रोकें।
• पहाड़ी इलाकों और बाढ़ से ग्रसित क्षेत्रों में जाने से बचें।
• इस समय नदियों के किनारे तथा पुलों के पास ना जाए।
• भारी बारिश के दौरान बिजली गिरने की आशंका अधिक होती है इसलिए खुले स्थानों पर खड़े ना रहें।
• हर किसी को अपने घर में एमरजैंसी कीट अवश्य रखनी चाहिए जिसके अंदर टॉर्च, बैटरी, कुछ भोजन तथा पीने का पानी भी हो।
• मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन के द्वारा दिए गए निर्देशों का सुचारू रूप से पालन करें।
टेक्नोलॉजी से मॉनसून मॉनिटरिंग
आज इस 21वीं शताब्दी में टेक्नोलॉजी शिखर को छू रहा है। जगह-जगह विद्यमान टेक्नोलॉजी की सहायता से पहले के मुकाबले मौसम विज्ञान की जानकारी हासिल करना अधिक आसान और सटीक हो गया है। डॉप्लर रडार सिस्टम, सैटलाइट इमेजिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से मौसम वैज्ञानिक को आने वाले दिनों में होने वाले घटना की जानकारी पहले मिल जाती है। इस वजह से आम जनता पहले से सतर्क होकर होने वाली नुकसान को कम कर सकता है या उसे अपनी बचाव कर सकता है।
जलवायु परिवर्तन का असर
ऐसा माना जाता है कि मानसून के बढ़ते प्रभाव का सीधा असर जलवायु पर देखा जाएगा। आज समुद्र का तापमान बढ़ता जा रहा है और ग्लोबल वार्मिंग की वजह से विश्व के मौसम में बहुत सारी परिवर्तन को देखा जा रहा है। कहीं अत्यधिक बारिश होने की वजह से जलस्तर काफी ऊपर हो रहा है तो कहीं-कहीं पर सुखाड़ जैसी स्थिति देखी जा रही है। ऐसे समय में आवश्यकता है कि हमें जागरुक होकर पर्यावरण संरक्षण तथा जल प्रबंधन पर अत्यधिक ध्यान देना चाहिए। जिससे पृथ्वी पर सभी मौसम का संतुलित असर बना रहे।

ऐसी ही और जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहें।धन्यवाद।
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