Amit Shah ने Ahmedabad Book Festival में बांटी किताबें, कहा युवा पीढ़ी को पढ़ने की ओर प्रेरित करना जरूरी

Ahmedabad Book Festival 2025 इस बार खास बन गया जब देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah स्वयं मेले में पहुंचे और बच्चों को किताबें वितरित कीं। मेले में उनकी मौजूदगी ने न केवल कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाया, बल्कि साहित्य और पठन-पाठन संस्कृति के महत्व को भी राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया।

Amit Shah ने Ahmedabad Book Festival मे युवा को बांटी किताबे
Amit Shah ने Ahmedabad Book Festival मे युवा को बांटी किताबे

डिजिटल दुनिया के बढ़ते प्रभाव के बीच किताबों का आकर्षण लोगों के मन में आज भी उतना ही है, और इसकी झलक इस मेले में भारी भीड़ के रूप में देखने को मिली। Amit Shah के आने के बाद मेले में उत्साह एक नए स्तर पर पहुंच गया, खासकर बच्चों और युवाओं में, जो उनसे किताबें पाकर बेहद खुश नजर आए।

Amit Shah ने इस अवसर पर कहा कि किताबें किसी भी बच्चे के व्यक्तित्व निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण नींव होती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में जहां मोबाइल और इंटरनेट बच्चों का काफी समय ले लेते हैं, वहीं किताबें उन्हें गहराई से सोचने, समझने और सीखने का अवसर देती हैं।

उनका कहना था कि पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजनों का होना बेहद जरूरी है, और अभिभावकों व शिक्षकों को भी चाहिए कि वे बच्चों को अधिक से अधिक पढ़ने के लिए प्रेरित करें। इस संदेश ने वहां मौजूद सभी लोगों पर गहरा प्रभाव छोड़ा और कई स्कूल प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अपने स्कूलों में पठन-पाठन से जुड़े विशेष कार्यक्रम शुरू करेंगे।

Vande Mataram प्रदर्शनी का अवलोकन

मेले में पहुंचकर Amit Shah ने सबसे पहले Vande Mataram प्रदर्शनी का विस्तृत अवलोकन किया, जो इस वर्ष का मुख्य केंद्रबिंदु थी। इस प्रदर्शनी में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज, क्रांतिकारियों की हस्तलिखित सामग्री, और राष्ट्रवाद से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) के निदेशक युवराज मलिक ने स्वयं उन्हें प्रदर्शनी की अवधारणा, उद्देश्य और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। Amit Shah ने इस प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहलें युवाओं को अपने देश के इतिहास, संघर्ष और विरासत से जोड़ने का शानदार माध्यम बनती हैं।

Amit Shah ने Ahmedabad Book Festival मे युवा को बांटी किताबे
Amit Shah ने Ahmedabad Book Festival मे युवा को बांटी किताबे

उनका मानना था कि जब बच्चे अपनी संस्कृति और इतिहास को पढ़ते हैं, तो उनमें राष्ट्र के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना स्वतः विकसित होती है। इस प्रदर्शनी ने बच्चों और युवाओं की बड़ी संख्या को आकर्षित किया, और कई छात्रों ने इसे अपने लिए एक प्रेरक अनुभव बताया।

भारतीय साहित्य का विस्तृत संसार

पुस्तक महोत्सव में देश और विदेश से आए सैकड़ों प्रकाशकों ने हजारों किताबें प्रदर्शित कीं। कथा, साहित्य, आध्यात्म, विज्ञान, इतिहास, उपन्यास, बच्चों के साहित्य से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक, यहां हर तरह की पुस्तकें उपलब्ध थीं। Amit Shah ने कई प्रमुख स्टॉलों का अवलोकन किया और प्रकाशकों से बातचीत की। उन्होंने भारतीय भाषाओं में किताबों के बढ़ते महत्व, पाठक वर्ग में हो रहे बदलाव, और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के युग में प्रिंट बुक्स के भविष्य पर भी चर्चा की।

Amit Shah ने यह भी कहा कि भारत में क्षेत्रीय भाषाओं का साहित्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, और इसे और अधिक प्रोत्साहन देने की जरूरत है ताकि लोगों तक अपनी भाषा का ज्ञान और साहित्य आसानी से पहुंच सके। उन्होंने प्रकाशकों को सलाह दी कि बच्चों पर केंद्रित साहित्य को और अधिक आकर्षक बनाया जाए ताकि बच्चे पढ़ने की ओर स्वाभाविक रूप से आकर्षित हों।

बच्चों को पुस्तक वितरण

Ahmedabad Book Festival 2025 कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरक क्षण वह था जब Amit Shah ने दर्जनों बच्चों को अपनी पसंद की किताबें भेंट कीं। उन्होंने कहा कि “अगर हम बच्चों को छोटी उम्र में पढ़ने की आदत डाल दें, तो वही आदत आगे चलकर उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाती है।” उन्होंने बच्चों को यह भी समझाया कि किताबें दोस्त की तरह होती हैं जो हमेशा मार्गदर्शन करती हैं, ज्ञान देती हैं और कठिन समय में सही रास्ता दिखाती हैं।

बच्चे भी उनसे किताबें पाकर बेहद खुश दिखाई दिए और कई बच्चों ने उनसे बातचीत भी की। अभिभावकों और शिक्षकों ने इस पहल की जमकर तारीफ की और इसे ऐसी प्रेरक पहल बताया जो बच्चों को पढ़ने की ओर प्राकृतिक रूप से आकर्षित करती है।

Ahmedabad Book Festival 2025 का उद्देश्य

Ahmedabad Book Festival 2025 का उद्देश्य सिर्फ किताबें बेचना नहीं, बल्कि समाज में पढ़ने की संस्कृति को कायम रखना है। मेले में बच्चों के लिए कहानी सत्र, लाइव रीडिंग शो, कवि सम्मेलन, वर्कशॉप और सेमिनार जैसे कई आयोजन किए गए। Ahmedabad Book Festival ने मेले को और अधिक आकर्षक बना दिया और लोगों को घंटों तक यहां रुककर साहित्य के विभिन्न आयामों को जानने का मौका मिला।

यह मेला इस बात का प्रमाण है कि भारत में आज भी किताबों की मांग उतनी ही है, बल्कि समय के साथ और बढ़ती जा रही है। पुस्तक मेला हर उम्र, हर वर्ग और हर रुचि के लोगों के लिए ज्ञान का विशाल अवसर है।

निष्कर्ष

Ahmedabad Book Festival 2025 में Amit Shah की उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी। बच्चों को किताबें बांटना, प्रदर्शनी का अवलोकन करना और प्रकाशकों से बातचीत इन सभी ने यह संदेश दिया कि किताबें सिर्फ ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और देश के भविष्य को मजबूत करने की चाबी हैं।

यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक है कि भारत पठन-पाठन संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए गंभीर है, और आने वाली पीढ़ी को किताबों से जोड़ना उसकी प्राथमिकता है। डिजिटल युग में भी किताबों का महत्व बरकरार है और इस महोत्सव ने इसे फिर से सिद्ध किया।

ऐसे ही जानकारी कि हमारे साथ जुड़े रहे, धन्यवाद।


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