देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल परीक्षा NEET-PG 2025 में हाल ही में एक बड़ा बदलाव किया गया है। Central Government और National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) ने तीसरे राउंड की काउंसलिंग के लिए कट-ऑफ में भारी कमी कर दी है, जिससे अब उन छात्रों के लिए भी PG मेडिकल सीटें खोल दी गई हैं जिनके अंक पहले काउंसलिंग के लिए पर्याप्त नहीं माने जाते थे।

NBEMS की ओर से जारी नोटिस के अनुसार कट-ऑफ को इस हद तक घटा दिया गया है कि जनरल और EWS उम्मीदवार 103 अंक, PwBD उम्मीदवार लगभग 90 अंक, और SC, ST और OBC उम्मीदवार शून्य परसेंटाइल यानी माइनस 40 अंक तक के अंक लेकर भी काउंसलिंग में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव केवल काउंसलिंग में पात्रता बढ़ाने के लिए किया गया है, और NEET-PG की रैंकिंग या मेरिट लिस्ट में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
कट-ऑफ में बदलाव से छात्रों को क्या फायदा मिलेगा?
NEET-PG की परीक्षा में कम अंक लाने वाले छात्रों के लिए PG मेडिकल सीटें पाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। पहले, केवल वे छात्र काउंसलिंग में शामिल हो पाते थे जिनके अंक कट-ऑफ से ऊपर होते थे। अब NBEMS के इस फैसले के बाद, लाखों ऐसे उम्मीदवार जो कम नंबर के कारण पिछड़ गए थे, उनके लिए मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएशन का रास्ता खुल गया है। विशेष रूप से SC, ST, OBC और PwBD उम्मीदवार अब PG मेडिकल काउंसलिंग में भाग लेकर अपने करियर को आगे बढ़ा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मेडिकल शिक्षा में समान अवसर और छात्रों की उम्मीदों को बढ़ावा देने वाला साबित होगा। यह बदलाव उन छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो वर्षों से PG मेडिकल में अपनी सीट पाने का सपना देख रहे थे।
तीसरे राउंड की काउंसलिंग में बदलाव का महत्व
NEET-PG 2025 की तीसरी राउंड की काउंसलिंग अब पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। पहले राउंड और दूसरी राउंड में कट-ऑफ की वजह से कई छात्र PG सीट पाने से वंचित रहे थे। लेकिन अब कम अंक वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, जिससे लाखों छात्रों को सीधे फायदा होगा। NBEMS ने साफ किया है कि रैंक में कोई बदलाव नहीं किया गया, यानी उच्च अंक वाले छात्रों की रैंकिंग सुरक्षित रहेगी, लेकिन अब कम अंक वाले छात्र भी PG सीट पाने का अवसर पा सकते हैं। इस बदलाव से न सिर्फ छात्रों की उम्मीदें बढ़ी हैं, बल्कि मेडिकल शिक्षा में अधिक समावेशिता और समान अवसर सुनिश्चित होंगे।
PwBD उम्मीदवारों के लिए विशेष राहत
इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ PwBD (Persons with Benchmark Disabilities) उम्मीदवारों को होगा। पहले PwBD छात्रों के लिए भी कट-ऑफ एक बड़ी बाधा बनती थी। अब, 5वां परसेंटाइल कट-ऑफ लागू होने के बाद लगभग 90 अंक वाले PwBD छात्र भी PG मेडिकल काउंसलिंग में शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे PwBD उम्मीदवारों को समान अवसर और मेडिकल शिक्षा में करियर बनाने का मौका मिलेगा। यह कदम केवल उनके लिए ही नहीं बल्कि पूरे मेडिकल क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है कि मेडिकल शिक्षा में सभी छात्रों को अवसर मिलने चाहिए, चाहे उनकी परिस्थितियाँ कैसी भी हों।

सरकारी और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
Central Government और NBEMS ने इस बदलाव को लेकर कहा है कि यह कदम छात्रों के हित में और शैक्षिक समानता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इससे PG मेडिकल सीटों के लिए आवेदन में बढ़ोतरी होगी और अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, यह बदलाव उन छात्रों के लिए प्रेरणा भी है जो पहले अपने कम अंकों के कारण PG मेडिकल के सपने से निराश हो चुके थे। अब उन्हें उम्मीद है कि उनकी मेहनत और तैयारी के बाद भी उन्हें PG मेडिकल शिक्षा का अवसर मिल सकता है।
छात्रों को क्या कदम उठाने चाहिए?
जो उम्मीदवार NEET-PG 2025 में कम अंक लाकर PG मेडिकल सीट पाने की उम्मीद खो चुके थे, उनके लिए यह अवसर अब खुल चुका है। तीसरे राउंड की काउंसलिंग में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेटेड नोटिस को ध्यान से पढ़ना चाहिए और समय पर आवेदन करना चाहिए। उम्मीदवारों को यह भी याद रखना चाहिए कि कट-ऑफ केवल पात्रता के लिए घटाई गई है, रैंक में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए सीट पाना अभी भी प्रतियोगिता पर निर्भर करेगा। यह एक सुनहरा अवसर है, जिसे छात्र सही रणनीति और तैयारी के साथ उपयोग कर सकते हैं।
निष्कर्ष
NEET-PG 2025 में कट-ऑफ में यह बड़ा बदलाव कम अंक वाले छात्रों और PwBD उम्मीदवारों के लिए राहत लेकर आया है। तीसरे राउंड की काउंसलिंग अब पहले से अधिक छात्रों के लिए खुली हुई है। इस बदलाव से मेडिकल शिक्षा में समान अवसर, छात्रों में नई उम्मीद, और PG मेडिकल सीटों की पहुंच बढ़ेगी। यह कदम निश्चित रूप से NEET-PG इतिहास में एक महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में याद रखा जाएगा। अब उन छात्रों को भी PG मेडिकल का सपना पूरा करने का मौका मिलेगा, जो पहले अपने कम अंकों के कारण पीछे रह गए थे।
ऐसी ही जानकारी के ली हमारे साथ जुड़े रहे, धन्यवाद।
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1 thought on “NEET-PG 2025 में कट-ऑफ में बदलाव, अब PwBD और कम अंक लाने वालों के भी PG सीटें मिलेगी”