Operation Sagar Bandhu: संकट की घड़ी में Srilanka के साथ खड़ा India, Srilanka को 12 टन राहत सामग्री भेजी गई।

चक्रवात डिटवाह ने Srilanka के तटीय और निचले इलाकों में ऐसी तबाही मचाई कि हजारों परिवार पलभर में बेघर हो गए, सड़कें उखड़ गईं, पुल बह गए और कई जगहों पर बिजली, पानी और संचार जैसी बुनियादी सेवाएँ ठप हो गईं। तेज हवाओं ने घरों की छतें उड़ा दीं, लगातार भारी बारिश से खेत-खलिहान डूब गए और समुद्री जल के उफान ने बस्तियों को पूरी तरह अव्यवस्थित कर दिया।

संकट की घड़ी में Srilanka के साथ खड़ा India
संकट की घड़ी में Srilanka के साथ खड़ा India

स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन प्रभावित इलाकों में तबाही इतनी व्यापक थी कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग की तुरंत जरूरत महसूस हुई। इसी गंभीर परिस्थिति में India ने बिना समय गंवाए अपने पड़ोसी देश तक मदद पहुंचाकर दिखा दिया कि वह सिर्फ एक बड़ा देश नहीं, बल्कि संकट के समय उम्मीद की सबसे मजबूत रोशनी भी है।

मिनटों में शुरू हुआ ‘Operation Sagar Bandhu’

जब Srilanka ने आपदा का पैमाना दुनिया के सामने रखा, उसी समय भारतीय सरकार ने हालात का आकलन कर तुरंत ‘Operation Sagar Bandhu’ आरंभ कर दिया। India की इस तेज कार्रवाई से साफ साबित होता है कि मानवीय सहायता उसके विदेश नीति का सिर्फ एक औपचारिक हिस्सा नहीं, बल्कि उसकी पहचान का मजबूत स्तंभ है। भारतीय वायुसेना का C-130J Super Hercules विमान महज कुछ घंटों की तैयारी में लगभग 12 टन राहत सामग्री लेकर Colombo के लिए रवाना हुआ और सुरक्षित उतरकर प्रभावित क्षेत्रों के लिए आशा की नई शुरुआत लेकर आया।

यह राहत सामग्री कोई सामान्य सामान नहीं है, बल्कि आपदा के शुरुआती 48–72 घंटों में जीवन बचाने के लिए आवश्यक संसाधन हैं। इसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट, दवाइयाँ, और रेडी-टू-ईट भोजन के पैकेट शामिल थे, जो प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल सहारा बन रहे हैं। इस मिशन में उपयोग किया गया C-130J विमान दिखाता है कि India अपने सैन्य संसाधनों को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें मानवता के लिए भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करता है।

यह विमान भारी वजन उठाने, लंबी दूरी की उड़ान भरने और कठिन मौसम में भी संचालन करने की अद्भुत क्षमता रखता है, इसलिए इसे दुनिया का सबसे भरोसेमंद मानवीय सहायता वाहक माना जाता है। Srilanka जैसे द्वीपीय देश में, जहाँ कई क्षेत्रों में रनवे छोटे और मौसम अस्थिर होता है, ऐसे विमानों की अहमियत और ज्यादा बढ़ जाती है। India ने यह भी दिखाया कि उसकी आधुनिक सैन्य ताकत सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित होती है। इससे India की तकनीकी क्षमता और उसकी संवेदनशीलता दोनों ही एक साथ दुनिया के सामने उभरकर आती हैं।

भारत की क्षेत्रीय नीति का मजबूत संदेश

India की समुद्री नीति SAGAR (Security and Growth for All in the Region) लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इस नीति के तहत India यह सुनिश्चित करता है कि क्षेत्र के देशों पर आने वाले किसी भी संकट में वह सबसे पहले और सबसे भरोसेमंद साथी के रूप में आगे आए।

संकट की घड़ी में Srilanka के साथ खड़ा India
संकट की घड़ी में Srilanka के साथ खड़ा India

Operation Sagar Bandhu इसी विजन का एक जीवंत उदाहरण है, जहाँ India ने न केवल राहत पहुंचाई, बल्कि यह भी साबित किया कि वह अपने पड़ोसी देशों को सिर्फ भौगोलिक रूप से करीब नहीं मानता, बल्कि रिश्तों और जिम्मेदारी के रूप में भी बेहद खास समझता है। Srilanka जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश की सहायता कर India ने अपनी क्षेत्रीय नेतृत्व क्षमता को भी और मजबूत किया है।

India-Srilanka रिश्तों में और गहराई

India और Srilanka के रिश्ते केवल राजनयिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक रूप से भी बेहद गहरे हैं। पिछले वर्षों में जब Srilanka को आर्थिक संकट, खाद्य संकट और ईंधन की भारी कमी का सामना करना पड़ा था, तब भी India ने चार बिलियन डॉलर के आर्थिक पैकेज, पेट्रोल–डीजल की आपूर्ति, दवाइयों, खाद्य सामग्री और तकनीकी मदद भेजकर अपने पड़ोसी धर्म को निभाया था।

अब चक्रवात डिटवाह के समय India की यह त्वरित राहत कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि दोनों देशों का रिश्ता आपदा या राजनीति से प्रभावित नहीं होता, बल्कि विश्वास और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित है। Srilanka की इस सहायता को एक बड़ी राहत के रूप में देख रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय में आई है जब लोगों को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।

राहत सामग्री का वास्तविक प्रभाव और लोगों में जागी उम्मीद

India द्वारा भेजी गई राहत सामग्री सिर्फ प्रतीकात्मक सहायता नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों के लिए वास्तविक जीवनदायी समर्थन है। जिन लोगों के घर पूरी तरह पानी में डूब गए, उनके लिए टेंट और तिरपाल नई छत का काम कर रहे हैं। जिन परिवारों के पास न खाना पकाने की सुविधा है, न कोई अनाज, उनके लिए रेडी-टू-ईट भोजन तुरंत ऊर्जा और भोजन की समस्या का हल देता है। हाइजीन किट आपदा के बाद फैलने वाली बीमारियों को रोकने में अहम भूमिका निभाती हैं, क्योंकि ऐसे समय में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कई गुना बढ़ जाते हैं। India की यह सहायता Srilanka के राहत तंत्र को गति देती है और हजारों परिवारों के जीवन में वास्तविक उम्मीद की किरण जगाती है।

निष्कर्ष

‘Operation Sagar Bandhu’ सिर्फ एक राहत मिशन नहीं है, बल्कि यह India के उस चरित्र को दर्शाता है जो किसी भी संकट में अपने पड़ोसी को अकेला नहीं छोड़ता। यह India की मानवीय संवेदनाओं, उसकी कूटनीतिक परिपक्वता और उसकी क्षेत्रीय नेतृत्व क्षमता का बड़ा उदाहरण है। चक्रवात डिटवाह से जूझ रहे Srilanka के लिए India की यह मदद सिर्फ सामान नहीं, बल्कि साथ, भरोसा और एक मजबूत संदेश है कि India हर परिस्थिति में अपने पड़ोसियों के साथ खड़ा है। आने वाले दिनों में यह ऑपरेशन दोनों देशों के बीच भरोसे को और मजबूत करेगा और वही India का वास्तविक पड़ोसी धर्म है।

ऐसी ही जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे, धन्यवाद।


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