UPSC सिविल सेवा मेन्स परीक्षा 2025: सपनों की ओर एक उड़ान

UPSC सिविल सेवा मेन्स परीक्षा 2025 का साल इस लिहाज़ से खास है क्योंकि इस बार भी लाखों उम्मीदवार IAS, IPS, IFS और अन्य प्रतिष्ठित सेवाओं में स्थान पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

भारत में अगर सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षा का नाम लिया जाए तो हर कोई सबसे पहले UPSC सिविल सेवा परीक्षा का नाम लेगा। यह केवल एक प्रतियोगी परीक्षा नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के जीवन का सपना, उनकी मेहनत और संघर्ष का प्रतीक है।

आज से 22 अगस्त 2025 से इस परीक्षा का मेन्स चरण शुरू हो गया है। प्रीलिम्स पास करने वाले लाखों उम्मीदवार अब अपनी मेहनत और लगन की अंतिम सिमा पर हैं।

UPSC क्यों है इतना खास?

UPSC केवल नौकरी पाने का जरिया नहीं है, यह भारत के भविष्य को दिशा देने वाली कुर्सियों तक पहुँचने का रास्ता है।

IAS अधिकारी नीतियाँ बनाते हैं।

IPS अधिकारी देश की आंतरिक सुरक्षा को संभालते हैं।

IFS अधिकारी विदेशों में भारत की पहचान को मजबूत करते हैं।

और अन्य सेवाएँ प्रशासन की रीढ़ बनकर देश की मशीनरी को चलाती हैं।

यही कारण है कि हर साल लाखों अभ्यर्थी अपना पूरा जीवन इस परीक्षा की तैयारी में पूरी जी जान लगा देते हैं।

2025 परीक्षा की प्रमुख तिथियाँ :

परीक्षा प्रारंभ: 22 अगस्त 2025

दूसरा दिन: 23 अगस्त 2025

तीसरा दिन: 24 अगस्त 2025

चौथा दिन: 30 अगस्त 2025

पाँचवाँ दिन: 31 अगस्त 2025

पाँच दिन तक चलने वाली यह परीक्षा न सिर्फ छात्रों के ज्ञान को परखती है बल्कि उनके धैर्य, मानसिक संतुलन और उत्तर लेखन की भी परीक्षा होती है।

UPSC मेन्स परीक्षा का पैटर्न

UPSC मेन्स में कुल 9 पेपर होते हैं, जिनमें से दो क्वालिफाइंग होते हैं और बाकी 7 अंक जोड़ने वाले।

Paper A – भारतीय भाषा (300 अंक, क्वालिफाइंग)

Paper B – अंग्रेज़ी (300 अंक, क्वालिफाइंग)

Essay – 250 अंक

General Studies Paper I – भारतीय संस्कृति, इतिहास, भूगोल

General Studies Paper II – शासन, संविधान, राजनीति, सामाजिक न्याय

General Studies Paper III – विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण, सुरक्षा

General Studies Paper IV – नैतिकता, सत्यनिष्ठा, योग्यता

Optional Paper I – (उम्मीदवार द्वारा चुना गया विषय)

Optional Paper II – (उम्मीदवार द्वारा चुना गया विषय)

कुल अंक – 1750 (इंटरव्यू 275 अंक अलग)।

परीक्षा में रूल

UPSC अपने अनुशासन के लिए जाना जाता है।उम्मीदवारों को निर्धारित समय से पहले ही परीक्षा केंद्र पहुँचने का निर्देश है।गेट बंद होने के बाद किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा।इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल, घड़ी, ब्लूटूथ सब प्रतिबंधित हैं।परीक्षा केंद्रों पर CCTV और कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है।

कोई उम्मीदवार कई बार असफल होकर भी उम्मीद नहीं छोड़ता।कोई परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए संघर्ष करता है।कोई अपने गाँव और समाज की सेवा करने के लिए अफसर बनना चाहता है।
UPSC मेन्स परीक्षा वास्तव में केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि धैर्य और आत्मविश्वास की परीक्षा है।

UPSC का असर केवल उम्मीदवार तक सीमित नहीं रहता।परिवार, रिश्तेदार, पूरा गाँव उम्मीदवार की मेहनत को अपनी उम्मीद से जोड़ देता है।हर सफल उम्मीदवार न केवल खुद का भविष्य बदलता है, बल्कि अपने समाज और क्षेत्र को भी नई दिशा देता है।

2025 परीक्षा में नए बदलाव

इस बार उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग में डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जा रही है।निबंध और GS पेपर में समसामयिक घटनाओं का अनुपात और बढ़ गया है।नैतिकता पेपर में वास्तविक जीवन आधारित केस स्टडी अधिक शामिल किए गए हैं।

सफल उम्मीदवारों की कहानियाँ:

पिछले साल की टॉपर श्रुति सिंह – उन्होंने कहा कि “UPSC केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन का नाम है।”

एक किसान के बेटे राहुल यादव – दो बार असफल होने के बाद तीसरे प्रयास में IAS बने और अब अपने गाँव में शिक्षा सुधार रहे हैं।

मेडिकल बैकग्राउंड से आईं प्रिया मिश्रा – डॉक्टर होते हुए भी समाज सेवा के लिए प्रशासनिक क्षेत्र चुना।

ये कहानियाँ हर उम्मीदवार को प्रेरणा देती हैं।

इंटरव्यू की ओर

जो उम्मीदवार मेन्स पास करेंगे, उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। यह 275 अंकों का होता है। यहाँ उम्मीदवार के ज्ञान से ज्यादा उसकी सोच, व्यवहार और ईमानदारी को परखा जाता है।

UPSC मेन्स परीक्षा 2025 न केवल अभ्यर्थियों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए अहम है। यहाँ से निकले हुए अफसर आने वाले दशकों में भारत की नीतियाँ और दिशा तय करेंगे।

जो भी उम्मीदवार इस बार परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, उनके लिए यही संदेश है:
UPSC केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि देश सेवा का माध्यम है।

ऐसे ही जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहे। धन्यवाद!


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