भारतीय नौसेना में नई नेतृत्व शक्ति: Rear Admiral Ravnish Seth ने संभाला Naval Ship Repair Yard (Karwar) का कमान

भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और तकनीकी मील का पत्थर तब दर्ज किया गया जब Rear Admiral Ravnish Seth, VSM ने Naval Ship Repair Yard (NSRY), Karwar के Admiral Superintendent के रूप में कार्यभार को ग्रहण किया। यह परिवर्तन नेतृत्व में बदलाव के साथ भारतीय नौसेना की तकनीकी क्षमता, रखरखाव उत्कृष्टता और रणनीतिक तैयारियों में एक नए चरण की शुरुआत भी है।

Ravnish Seth ने संभाला Naval Ship Repair Yard Karwar का कमान
Ravnish Seth ने संभाला Naval Ship Repair Yard Karwar का कमान

Rear Admiral Ravnish Seth की नियुक्ति ऐसे समय में की गई है जब भारतीय नौसेना तेजी से Atmanirbhar Bharat, advanced naval engineering, और Indo Pacific maritime readiness की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनमें विद्यमान तकनीकी विशेषज्ञता, समुद्री अनुभव और प्रशासनिक दक्षता NSRY Karwar को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती है।

भारतीय नौसेना का Naval Ship Repair Yard (Karwar) रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह यार्ड जहाज़ों के रखरखाव और उन्नयन के लिए जिम्मेदार है, तथा operational readiness, त्वरित मरम्मत क्षमता और fleet sustainability का केंद्र भी माना जाता है।

ऐसे संस्थान के शीर्ष पद पर Rear Admiral Ravnish Seth की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे भारतीय नौसेना के उन वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं जिन्हें तकनीकी, प्रशासनिक, प्रशिक्षण और नौसैनिक संचालन के क्षेत्रों में गहन अनुभव प्राप्त किया है।

Rear Admiral Ravnish Seth: एक उत्कृष्ट मरीन इंजीनियर और बहुमुखी नौसैनिक अधिकारी

Rear Admiral Ravnish Seth का नौसैनिक करियर तीन दशकों से अधिक का है, जिसकी शुरुआत 30 नवंबर 1991 को हुई जब उन्हें भारतीय नौसेना की Engineering Branch में कमीशन किया गया। उनकी शिक्षा और प्रशिक्षण स्वयं में एक अनुकरणीय उदाहरण है:

  • DSSC Wellington के पूर्व छात्र
  • Naval War College, Goa
  • National Defence College (NDC), New Delhi
  • Jawaharlal Nehru University (JNU)
  • Defence Institute of Advanced Technology (DIAT), Pune
  • Pune University और Madras University

इन संस्थानों से प्राप्त विविध शैक्षणिक और रणनीतिक प्रशिक्षण ने उन्हें engineering excellence, strategic maritime thinking और organisational leadership जैसे क्षेत्रों में निपुण बनाता है।

Marine Engineering में उत्कृष्टता

INS Shivaji में आयोजित Marine Engineering Specialisation Course में शीर्ष स्थान प्राप्त करना उनके तकनीकी कौशल का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि भारतीय नौसेना की तकनीकी शाखा में दुर्लभ और अत्यंत प्रतिष्ठित मानी जाती है।

Ravnish Seth
Ravnish Seth

Sea Tenures: जहाज़ों से लेकर अंतरराष्ट्रीय नियुक्ति तक का व्यापक अनुभव

Rear Admiral Ravnish Seth का समुद्री अनुभव अत्यंत विविध और महत्वपूर्ण रहा है। INS Khukri, INS Nishank और INS Delhi पर उनकी सेवा ने उन्हें operational dynamics, onboard technical readiness और समुद्री रणनीति से गहराई से जोड़ा है। इसके साथ ही उन्हें Mauritius Coast Guard में SO (Tech) के रूप में एक विदेशी नियुक्ति का भी अनुभव प्राप्त है, जो भारत की maritime diplomacy और international cooperation का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस नियुक्ति ने उन्हें बहुराष्ट्रीय समुद्री संचालन, तटीय सुरक्षा सहयोग और विविध नौसैनिक ढाँचों के साथ कार्य करने की अद्वितीय समझ दी है।

Leadership Roles: रणनीतिक, तकनीकी और औद्योगिक जिम्मेदारियों में उल्लेखनीय योगदान

Rear Admiral Seth ने भारतीय नौसेना में कई प्रमुख पदों पर सेवा दी, जिनमें MSAQ (Marine Systems Assurance & Quality), DGM (Cap) और AGM (Production), Naval Dockyard Mumbai, JDOP (Tech), Naval Headquarters / Ministry of Defence और Officer in Charge, GTTT (Gas Turbine Training Team), Mumbai शामिल है।

इन पदों पर उन्होंने:

  • नौसैनिक जहाज़ों की तकनीकी गुणवत्ता सुनिश्चित की
  • dockyard production efficiency बढ़ाई
  • नए तकनीकी मानकों की स्थापना में योगदान दिया
  • प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को मजबूत किया

Commanding Officer, INS Shivaji

उनके नेतृत्व में INS Shivaji जो कि भारतीय नौसेना की प्रमुख मरीन इंजीनियरिंग प्रशिक्षण संस्था को President’s Colour प्रदान किया गया, जो किसी भी नौसैनिक इकाई के लिए सर्वोच्च सम्मान का प्रतीक है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि Rear Admiral Ravnish Seth एक उत्कृष्ट इंजीनियर ही नहीं हैं, बल्कि एक सक्षम और प्रेरणादायी सैन्य नेता भी हैं।

Promotion के बाद: रणनीतिक विकास और तकनीकी नेतृत्व

उच्च पदोन्नति के बाद उन्होंने दो और महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं:

  • Director, DMDE (Hyderabad) — जहाँ उन्होंने रक्षा निर्माण और डिजाइन उत्कृष्टता को आगे बढ़ाया।
  • CSO (Tech), Eastern Naval Command — जहाँ उनकी भूमिका पूर्वी तट पर fleet technical readiness को बढ़ाना थी।

वर्ष 2025 में उन्हें Vishisht Seva Medal (VSM) से सम्मानित किया गया, जो उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और भारतीय नौसेना में योगदान का राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।

NSRY Karwar में नई भूमिका: नौसेना की तकनीकी रीढ़ को और मजबूत करने का दायित्व

Naval Ship Repair Yard (Karwar) भारत के पश्चिमी तट पर navy को मजबूत operational support प्रदान करता है। Rear Admiral Ravnish Seth की नियुक्ति से यार्ड की कई क्षमताओं में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद की जा रही है:

  • जहाज़ों के रखरखाव और त्वरित turnaround time में वृद्धि
  • आधुनिक repair technologies का उपयोग
  • dockyard automation
  • energy efficient repair infrastructure
  • advanced training और skill upgradation programs
  • indigenous marine systems के विकास को बढ़ावा

Karwar का NSRY, Project Seabird के तहत विकसित भारतीय नौसेना की आधुनिक रणनीति का अभिन्न हिस्सा है, और Rear Admiral Ravnish Seth की विशेषज्ञता उसके अगले चरण को अधिक गति देगी।

निष्कर्ष

Rear Admiral Ravnish Seth का NSRY Karwar के Admiral Superintendent के रूप में पदभार ग्रहण करना भारतीय नौसेना के तकनीकी और परिचालन ढाँचे के लिए ऐतिहासिक कदम है। उनका अनुभव, नेतृत्व और तकनीकी उत्कृष्टता Karwar Yard के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारतीय नौसेना के लिए एक नई दिशा निर्धारित करेगी।

यह नियुक्ति भारतीय नौसेना के उस विज़न को भी मजबूत करती है जिसमें modernisation, indigenisation, maritime security और leadership excellence जैसे स्तंभों एक साथ दृढ़ता मिलती है। भारतीय नौसेना की बढ़ती वैश्विक भूमिका और Indo Pacific maritime strategy के संदर्भ में Rear Admiral Ravnish Seth की यह नई जिम्मेदारी आने वाले समय में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए निश्चित रूप से तैयार है।

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